जरुरी जानकारी | सूक्ष्मवित्त ऋणदाताओं के लिए नियमन को सुसंगत बनाने पर विचार करेगा आरबीआई
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. असम विधानसभा द्वारा राज्य में सूक्ष्मवित्त संस्थानों के नियमन के लिए कानून बनाने के मद्देनजर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि वह ऐसे सूक्ष्म ऋणदाताओं के लिए नियमन को सुसंगत बनाने पर विचार करेगा।
मुंबई, पांच फरवरी असम विधानसभा द्वारा राज्य में सूक्ष्मवित्त संस्थानों के नियमन के लिए कानून बनाने के मद्देनजर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को कहा कि वह ऐसे सूक्ष्म ऋणदाताओं के लिए नियमन को सुसंगत बनाने पर विचार करेगा।
असम सूक्ष्मवित्त संस्थान (धन उधारी का नियमन) विधेयक 2020 के पास होने के बाद राज्य में सूक्ष्मवित्त ऋणदाताओं के ऋण संग्रह में कमी आई है।
इस कानून को लेकर चिंताएं जताई गई हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को अधिक ब्याज दरों और जबरन वसूली साधनों से बचता है।
आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, ‘‘इस क्षेत्र की बढ़ती भूमिका, और अंतिम छोर तक ऋण पहुंचाने तथा उपभोक्ता संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत ढांचे की जरूरत है। इसके आरबीआई एक परामर्श दस्तावेज जारी करेगा, जो सूक्ष्मवित्त क्षेत्र में विभिन्न विनियमित कर्जदाताओं पर लागू नियामक ढांचे में तालमेल स्थापित करेगा।’’
दास ने मौद्रिक नीति की द्विमासिक समीक्षा की घोषणा करते हुए कहा कि सूक्ष्मवित्त संस्थान अंतिम छोर के जरुरतमंद तबके तक कर्ज पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं।
उन्होंने प्राथमिक शहरी सहकारी बैंकों (यूएसबी) के लिए एक विशेषज्ञ समिति की भी घोषणा की, जो इस क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए एक मध्यम अवधि का मसौदा प्रदान करेगा।
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