जरुरी जानकारी | आरबीआई् ने सीमांत स्थायी सुविधा के तहत बैंकों के लिये बढ़ी हुई कर्ज सीमा 31 मार्च तक के लिये बढ़ायी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नकदी की कमी को पूरा करने के लिये बैंकों के लिये बढ़ी हुई कर्ज सुविधा की समयावधि छह महीने के लिये बढ़ा दी है। कोरोना वायरस महामारी और ‘लॉकडउन’ के कारण मौजूदा आर्थिक संकट के बीच यह कदम उठाया गया है।

मुंबई, 28 सितंबर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नकदी की कमी को पूरा करने के लिये बैंकों के लिये बढ़ी हुई कर्ज सुविधा की समयावधि छह महीने के लिये बढ़ा दी है। कोरोना वायरस महामारी और ‘लॉकडउन’ के कारण मौजूदा आर्थिक संकट के बीच यह कदम उठाया गया है।

आरबीआई ने बैंकों में नकदी बढ़ाने को लेकर अस्थायी उपाय के तहत कदम उठाया था। इसके अंतर्गत 27 मार्च, 2020 से अनुसूचित बैंकों के लिये सीमांत स्थायी सुविधा (एमएसएफ) के तहत कर्ज सीमा उनकी शुद्ध मांग और समय देनदारी (एनडीटीएल) के तहत 2 प्रतिशत से बढ़ाकर 3 प्रतिशत कर दी गयी थी।

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यह सुविधा शुरू में 30 जून, 2020 तक के लिये थी लेकिन कोविड-19 संकट को देखते हुए इसे बाद में बढ़ाकर 30 सितंबर, 2020 कर दिया गया था।

आरबीआई ने एक बयान में कहा, ‘‘बैंकों को नकदी के मामले में संतोषजनक स्थिति उपलब्ध कराने के साथ उनकी नकदी कवरेज अनुपात (एलसीआर) की जरूरतों को पूरा करने को लेकर एमएसएफ के तहत दी गयी छूट छह महीने यानी 31 मार्च, 2021 तक के लिये बढ़ाने का निर्णय किया गया है।’’

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केंद्रीय बैंक ने कहा कि इससे बैंकों के पास 1.49 लाख करोड़ रुपे तक के अतिरिक्त कोष तक पहुंच होगी।

एमएसएफ के तहत बैंक सांविधिक तरलता अनुपात के अंतर्गत रखी सरकारी प्रतिभूतियों पर रिजर्व बैंक से एक दिन के लिये कर्ज ले सकते हैं।

सीमांत स्थायी सुविधा पर ब्याज की दर फिलहाल 4.25 प्रतिशत है।

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