जरुरी जानकारी | रावत ने कपड़ा कंपनियों से ऐसे वस्त्र बनाने को कहा, जिससे सैनिकों को कठिन मौसम में मदद मिले

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ जनरल विपिन रावत ने बुधवार को कपड़ा उद्योग को सुझाव दिया कि वे ऐसे वस्त्र विकसित करें, जिससे सैनिकों को अत्यधिक ठंडे और अत्यधिक गर्म मौसम में टिके रहने में मदद मिले।

नयी दिल्ली, 17 मार्च चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ जनरल विपिन रावत ने बुधवार को कपड़ा उद्योग को सुझाव दिया कि वे ऐसे वस्त्र विकसित करें, जिससे सैनिकों को अत्यधिक ठंडे और अत्यधिक गर्म मौसम में टिके रहने में मदद मिले।

रावत ने यहां टेक्निकल टेक्सटाइल पर आयोजित एक सम्मेलन में कहा, ‘‘टेक्निकल टेक्सटाइल में हमारी बड़ी हिस्सेदारी है। हम तकनीक के इस्तेमाल से तैयार होने वाले कपड़ों के बड़े उपयोगकर्ता हैं। हमें उम्मीद है कि टेक्नो-टेक्सटाइल उद्यमी और जो पहले से इस क्षेत्र में हैं, वे हमें उस तरह के कपड़े उपलब्ध कराने में मदद करेंगे, जिनकी हमें तलाश है।’’

उन्होंने कहा कि सैनिक उत्तरी सीमाओं पर देश की सेवा कर रहे हैं, जहां सर्दियों में तापमान शून्य से 50 डिग्री सेल्सियस नीचे होता है और जवान रेगिस्तानी इलाकों में भी सेवाएं दे रहे हैं, जहां गर्मियों में तापमान 58 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए हम ऐसे कपड़ों की तलाश कर रहे हैं, इस तरह के चरम मौसम में हमारे सैनिकों की मदद कर सकते हैं।’’

पिछले एक-दो वर्षों में घरेलू कपड़ा उद्योगों ने उत्पादों में नए प्रयोग शुरू किए हैं और सेना भी अब ऐसे कपड़ों के लिए ऑर्डर दे रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर हमें पता चलता है कि यह चीज हमारी मदद कर सकती है, तो हम सशस्त्र बलों के इस्तेमाल में आने वाले सभी कपड़ों या तकनीक आधारित कपड़ों को स्वदेशी वस्तुओं की सूची में डाल देंगे... हम इन वस्तुओं के आयात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा देंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि रक्षा सेवाएं केवल भारतीय उद्योग पर निर्भर रहें।’’

उन्होंने यह भी कहा कि सशस्त्र बल ऐसे कपड़ों की तलाश में हैं, जो दुश्मनों के बीच दोस्तों को पहचानने में मदद कर सकें।

उन्होंने कहा कि ऐसे कपड़ों में खास किस्म के मानक, विशेष निशान या विशेष डिजाइन हो सकते हैं, जो किसी खास उपकरण के माध्यम से दिखाईं दें।

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