नयी दिल्ली, दो मई दो महीने का बच्चा दुर्लभ यीस्ट से संक्रमित होने के साथ-साथ ‘साइटोमेग्लोवाइरस मेनिन्जाइटिस’ (सीएमवी) से ग्रस्त था जिसका नोएडा के एक अस्पताल में सफल उपचार किया गया है।
दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित फोर्टिस अस्पताल ने मंगलवार को बयान जारी कर दावा किया कि ‘‘यह दुनिया में रोडोटोरुला संक्रमण (यीस्ट की एक प्रजाति) के साथ सीएमवी का पहला ज्ञात मामला है।’’ उसने बताया कि बच्चा मथुरा (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है।’’
बयान के मुताबिक नवजात को ‘बुखार , चिड़चिड़ापन और असामान्य शारीरिक गतिविधि की दो घटनाएं, जिसमें आंखें ऊपर की ओर उठना, सिर के ऊपर उभार होना व रोने की शिकायत के साथ भर्ती कराया गया था।’’
डॉक्टरों ने बताया कि एमआरआई और सीएसएफ सहित कई जांच संक्रमण के कारणों का पता लगाने की गई और इनसे खुलासा हुआ कि बच्चे को मेनिन्जाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) है।
बयान में कहा गया कि अनियंत्रित दौरे को देखते हुए बच्चे को नली लगाई गई और एंटीबॉयोटिक दी गई। चिकित्सा के लिहाज से बच्चे के सेहत में सुधार देखा गया और वह संतोषजनक रूप से दूध पी रहा था और अन्य गतिविधियां कर रहा था। हालांकि, उसे दिन में तीन-चार बार बुखार आता था इसलिए सीएसएफ (सेरोब्रोस्पाइनल फ्लूड) जांच दोबारा की गई और बायोफायर जांच के लिए भेजी गई जिसमें सीएमवी की पुष्टि हुई।
अस्पताल ने बताया कि इलाज के 10 दिन बाद भी बुखार कम नहीं होने पर सीएसएफ फंगल कल्चर जांच की गई जिसमें रोडोटोरुला संक्रमण की पुष्टि हुई। अस्पताल ने दावा किया कि यह दुनिया में दर्ज पहला मामला है।
अस्पताल के बाल रोग विभाग के प्रमुख डॉ.आशुतोष सिन्हा ने बताया कि बच्चों में जन्म से पहले मां से और जन्म के बाद स्तनपान से सीएमवी संक्रमण के मामले सामने आए थे, लेकिन दिमाग में संक्रमण दुर्लभ है।
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