जरुरी जानकारी | विदेशों में तेजी से सरसों, सोयाबीन और बिनौला तेल तिलहन में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशी बाजारों में तेजी के रुख से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को सरसों, सोयाबीन तेल-तिलहन और बिनौला तेल के भाव में सुधार आया। सामान्य कारोबार के बीच मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल तिलहन, बिनौला, सीपीओ और पामोलीन तेल के भाव अपरिवर्तित रहे।

नयी दिल्ली, सात जनवरी विदेशी बाजारों में तेजी के रुख से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में शुक्रवार को सरसों, सोयाबीन तेल-तिलहन और बिनौला तेल के भाव में सुधार आया। सामान्य कारोबार के बीच मूंगफली तेल-तिलहन, सोयाबीन तेल तिलहन, बिनौला, सीपीओ और पामोलीन तेल के भाव अपरिवर्तित रहे।

बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में शुक्रवार को लगभग 0.2 प्रतिशत तेजी थी जबकि शिकॉगो एक्सचेंज फिलहाल 0.4 प्रतिशत मजबूत है। देश की मंडियों में आवक निरंतर घट रही है और किसान सोयाबीन की बिक्री कम भाव पर करने से कतरा रहे हैं जिससे प्लांट वालों को सौदे पूरी तरह से नहीं मिल पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि यही हाल सरसों का भी है जिसका बहुत सीमित स्टॉक बच गया है। उत्तर प्रदेश में सरसों की ही तरह का ‘लहिया’ तिलहन की इन दिनों आवक होने वाली है। इसके उपज की मात्रा कम होती है और इसमें 20-25 प्रतिशत की नमी होती है। लेकिन इसकी महक अच्छी नहीं होती इसलिए इसके तेल के मिश्रण के लिए काफी मात्रा में (लगभग 70 प्रतिशत) पुराने सरसों की आवश्यकता होती है। लहिया के माध्यम से अभी सरसों की कमी को पूरा करना लगभग असंभव है। पके सरसों के मार्च के आरंभ में आने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि सोयाबीन की प्लांट डिलीवरी कम होने से, मिल वाले सीधा मंडियों से सोयाबीन दाना की ऊंचे भाव पर खरीद कर रहे हैं। इस वजह से सोयाबीन तेल तिलहनों के भाव में सुधार है। उन्होंने कहा कि सरसों की उपलब्धता काफी कम रह गई है। अभी हाल की बरसात सरसों के लिए काफी अच्छा पैगाम है लेकिन बरसात की वजह से पके सरसों के आने में थोड़ी देर भी हो सकती है।

सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन की पेराई में कारोबारियों को फायदा नहीं है। प्लांट वालों को सोयाबीन के सौदे नहीं मिल रहे हैं और उन्हें किसानों से महंगे में खरीदना पड़ रहा है। सोयाबीन की लगभग 50 प्रतिशत पेराई मिलें बंद हो चुकी हैं। जो पेराई मिलें चल रही हैं उन्हें तेल के कारोबार में प्रति किलो 5-6 रुपये का नुकसान सहना पड़ रहा है। यही हाल बिनौले का भी है।

सामान्य कारोबार के बीच मूंगफली तेल-तिलहनों के भाव अपरिवर्तित रहे। मलेशिया एक्सचेंज में तेजी होने के बावजूद भाव बेपड़ता होने से सीपीओ और पामेलीन तेल कीमतें भी पूर्ववत रहीं।

बाकी तेल-तिलहनों के दाम पूर्वस्तर पर बने रहे।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 8,220 - 8,250 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली - 5,690 - 5,780 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 12,550 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,840 - 1,965 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 16,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,485 -2,610 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,665 - 2,780 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 16,700 - 18,200 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 12,880 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 12,630 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,450

सीपीओ एक्स-कांडला- 11,150 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 11,760 रुपये।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,550 रुपये।

पामोलिन एक्स- कांडला- 11,460 (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन दाना 6,555 - 6,605, सोयाबीन लूज 6,365 - 6,415 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) 3,950 रुपये।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\