देश की खबरें | राणा के प्रत्यर्पण से 26/11 के हमलों में पाकिस्तान के सरकारी तत्वों की भूमिका उजागर होगी: सूत्र

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को जल्द ही अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है। इससे जांच एजेंसियों को 166 लोगों की जान लेने वाले इस जघन्य कृत्य के पीछे पाकिस्तान के सरकारी तत्वों की भूमिका को उजागर करने में मदद मिलेगी। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

नयी दिल्ली, नौ अप्रैल मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को जल्द ही अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है। इससे जांच एजेंसियों को 166 लोगों की जान लेने वाले इस जघन्य कृत्य के पीछे पाकिस्तान के सरकारी तत्वों की भूमिका को उजागर करने में मदद मिलेगी। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि राणा ने अमेरिका में ऐसे लोगों के लिए उपलब्ध सभी कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल कर लिया है और उसे जल्द ही भारत वापस लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक को भारत लाने के लिए कई एजेंसियों की एक टीम अमेरिका में है।

यह महत्वपूर्ण घटनाक्रम राणा के प्रत्यर्पण को रोकने के आखिरी प्रयास के कुछ दिन बाद हुआ है, जहां अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने उसके आवेदन को खारिज कर दिया।

इसके साथ ही उसे भारत में कानून का सामना करने के लिए भारतीय अधिकारियों को सौंपे जाने का समय करीब आता लग रहा है।

राणा को लॉस एंजिलिस में एक महानगर हिरासत केंद्र में रखा गया था। उसे पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली से जुड़ा माना जाता है, जो 26/11 के मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक है।

सूत्रों ने बताया कि भारत से कई एजेंसियों की एक टीम अमेरिका गई है और वहां के अधिकारियों के साथ सभी कागजी कार्रवाई और कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

उन्होंने दावा किया कि इस बात की ‘बहुत अधिक संभावना’ है कि राणा को ‘जल्द ही प्रत्यर्पित किया जा सकता है।’

फरवरी में व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि उनके प्रशासन ने ‘दुनिया के सबसे बुरे व्यक्ति’ राणा को ‘भारत में न्याय का सामना करने के लिए’ प्रत्यर्पित करने की मंजूरी दे दी है।

सूत्रों ने कहा कि राणा के प्रत्यर्पण से जांच एजेंसियों को 26/11 के हमलों के पीछे पाकिस्तानी सरकारी तत्वों की भूमिका को उजागर करने में मदद मिलेगी और जांच पर नई रोशनी पड़ सकती है।

उन्होंने कहा कि प्रत्यर्पित किए जाने के बाद, राणा को कानूनी औपचारिकताओं के बाद शुरू में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की हिरासत में रखा जा सकता है।

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