चेन्नई, पांच सितंबर बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे विस्फोट मामले में अपनी टिप्पणी को लेकर केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे द्वारा माफी मांगे जाने के कुछ दिनों बाद, मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु में उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला बृहस्पतिवार को निरस्त कर दिया।
न्यायमूर्ति जी. जयचंद्रन ने यह आदेश तब पारित किया जब तमिलनाडु सरकार ने पीठ को बताया कि उसने करंदलाजे के माफीनामे को स्वीकार करने का नीतिगत फैसला किया है।
राज्य सरकार ने कहा कि वह इस मामले को आगे नहीं बढ़ाना चाहती है।
बेंगलुरु के लोकप्रिय भोजनालय में एक मार्च को कम तीव्रता वाले विस्फोट के बाद करंदलाजे ने इस घटना से तमिलनाडु के लोगों को जोड़ा था और बाद में मदुरै पुलिस ने इस मामले में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था।
केंद्रीय मंत्री ने अपने खिलाफ़ आपराधिक कार्यवाही रद्द करने के लिए अदालत का रुख किया था।
न्यायमूर्ति जयचंद्रन की पीठ के समक्ष दायर अपने हलफनामे में, करंदलाजे ने कहा कि तमिलनाडु के लोगों के बारे में की गई टिप्पणी उनकी भावनाओं को आहत करने के इरादे से नहीं की गयी थी।
उन्होंने कहा कि वह अपनी पिछली टिप्पणियों को पहले ही वापस ले चुकी हैं और ‘‘सोशल मीडिया मंच के जरिये दिल से माफी मांग चुकी हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं निवेदन करती हूं कि मैं तमिलनाडु के इतिहास, समृद्ध संस्कृति, परंपरा और लोगों के प्रति सर्वोच्च सम्मान रखती हूं और अपने किसी भी आचरण से तमिलनाडु के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का मेरा कोई इरादा नहीं था।’’
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम तथा श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री ने कहा, "इसलिए, मैं एक बार फिर तमिलनाडु के लोगों से अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगती हूं। कृपया न्याय के हित में इसे रिकॉर्ड पर लिया जाए।"
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY