जगुआर लैंड रोवर के राल्फ स्पीथ बने रॉयल सोसायटी के फेलो

यह सोसायटी 1660 से सक्रिय है और सबसे पुरानी वैज्ञानिक अकादमी है। यह ब्रिटेन और राष्ट्रमंडल देशों के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और प्रौद्योगिकीविदों की एक स्वतंत्र वैज्ञानिक अकादमी है।

लंदन, दो मई टाटा मोटर्स के स्वामित्व वाली जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) के मुख्य कार्यकारी प्रोफेसर सर राल्फ स्पीथ और कैंब्रिज विश्वविद्यालय के प्रोफेसर विक्रम देशपांडे को ब्रिटेन में प्रतिष्ठित रॉयल सोसायटी का नया फेलो चुना गया है। रॉयल सोसायटी में हाल ही में 60 से अधिक असाधारण वैज्ञानिकों को जोड़ा गया है।

यह सोसायटी 1660 से सक्रिय है और सबसे पुरानी वैज्ञानिक अकादमी है। यह ब्रिटेन और राष्ट्रमंडल देशों के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और प्रौद्योगिकीविदों की एक स्वतंत्र वैज्ञानिक अकादमी है।

आइजैक न्यूटन, चार्ल्स डार्विन, स्टीफन हॉकिंग और श्रीनिवास रामानुजन जैसे वैज्ञानिक इसमें शामिल रह चुके हैं।

जेएलआर ने एक बयान में कहा कि स्पीथ को ब्रितानी अनुसंधान और विकास की पक्षधरता तथा विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग व गणित (एसटीईएम) की शिक्षा में उनकी प्रतिबद्धता के लिये चुना गया है।

प्रोफेसर स्पीथ ने कहा, "मुझे रॉयल सोसायटी के लिये उन गतिविधियों के आधार पर चुना गया है, जो मेरे दिल के करीब हैं और समाज के लिये मौलिक हैं।"

उन्होंने कहा, "पिछली शताब्दी की तुलना में अगले 10 वर्षों में आवागमन में अधिक परिवर्तन देखने को मिलेगा। अनुसंधान और विकास में सहयोग तथा निरंतर निवेश के माध्यम से हम आपस में जुड़े (कनेक्टेड) सकते हैं और सहज एकीकृत निजी-सार्वजनिक आवागमन प्रणालियों में पहुंच सकते हैं। हम मिशन शून्य (जीरो): शून्य उत्सर्जन, शून्य दुर्घटनाएं और शून्य भीड़ पर स्पष्ट ध्यान केंद्रित कर ऐसा कर सकेंगे। हमारी महत्वाकांक्षा समाज को सुरक्षित और स्वस्थ तथा हमारे पर्यावरण को स्वच्छ बनाना है।’’

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग विभाग में भारतीय मूल के प्रोफेसर देशपांडे भी रॉयल सोसाय के नये फेलो बनाये गये हैं। देशपांडे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) बंबई से स्नातक हैं। उन्हें माइक्रोस्ट्रक्चरल मैकेनिक्स में अपने मौलिक योगदान के लिये फेलो बनाया गया है।

रॉयल सोसायटी के फेलो तथा विदेशी सदस्य जीवन भर के लिये चुने जाते हैं। उन्हें विज्ञान में विशेष योगदान के लिये इस सोसायटी में शामिल किया जाता है। अभी रॉयल सोसायटी में करीब 1,700 फेलो व विदेशी सदस्य हैं। इनमें करीब 70 लोग नोबेल सम्मान पा चुके हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

Share Now

संबंधित खबरें

Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश में बड़ा हादसा, काकीनाडा जिले में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, 10 से अधिक की मौत और कई घायल; VIDEO

West Indies Women vs Sri Lanka Women, 1st T20I Match Preview: आज वेस्टइंडीज महिला बनाम श्रीलंका महिला के बीच खेला जाएगा पहला टी20 मुकाबला, मैच से पहले जानिए हेड टू हेड रिकॉर्ड्स, मिनी बैटल, स्क्वाड समेत सभी डिटेल्स

Israel-Iran War: ईरान में बड़े सैन्य अभियानों के बीच एयर इंडिया ने मध्य पूर्व की सभी उड़ानें रद्द की, यात्रियों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

Australia Women vs India Women, 3rd ODI 2026 Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा ऑस्ट्रेलिया महिला बनाम भारत महिला के बीच तीसरा वनडे? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

\