ताजा खबरें | राज्यसभा ने सेवानिवृत्त सदस्यों को विदाई दी
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. राज्यसभा ने सेवानिवृत्त हो रहे अपने नौ सदस्यों को शुक्रवार को विदाई दी और सभापति जगदीप धनखड़ ने इन सदस्यों के योगदान की सराहना करते हुए उनके बेहतर भविष्य की कामना की हालांकि इनमें से चार सदस्य पुनर्निर्वाचित हुए हैं।।
नयी दिल्ली, 11 अगस्त राज्यसभा ने सेवानिवृत्त हो रहे अपने नौ सदस्यों को शुक्रवार को विदाई दी और सभापति जगदीप धनखड़ ने इन सदस्यों के योगदान की सराहना करते हुए उनके बेहतर भविष्य की कामना की हालांकि इनमें से चार सदस्य पुनर्निर्वाचित हुए हैं।।
सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के जुगल सिंह लोखंडवाला, विदेश मंत्री एस जयशंकर, दिनेश चंद्र अनावाडीया, तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ’ब्रायन, डोला सेन, शांता छेत्री, सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और कांग्रेस के प्रदीप भट्टाचार्य शामिल हैं।
इनमें से एस जयशंकर, डेरेक ओ’ब्रायन, डोला सेन और सुखेंदु रॉय उच्च सदन के लिए फिर से निर्वाचित हुए हैं।
सभापति जगदीप धनखड़ ने सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनमें से चार सदस्य फिर से निर्वाचित होकर सदन में आए हैं लेकिन जो अन्य पांच आज सेवानिवृत्त हो रहे हैं, उनकी सदन याद करेगा।
धनखड़ ने इन सदस्यों के योगदान की सराहना की और उनके बेहतर भविष्य की कामना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि सदन से सेवानिवृत्त होने के बावजूद वे समाज व देश की सेवा में अपना योगदान जारी रखेंगे।
सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि विदाई किसी को भी अच्छा नहीं लगती लेकिन यह एक प्रक्रिया है। उन्होंने सेवानिवृत्त हो रहे सदस्यों के कार्यकाल की सराहना करते हुए उनके बेहतर भविष्य की कामना की।
विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि वे भले ही सदन से सेवानिवृत्त हो रहे हैं लेकिन दिलों से दूर नहीं होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपेक्षा करता हूं कि वे समाज की सेवा करते रहेंगे, जिस विचारधारा को अपनाया है, उसी को आगे बढ़ाते हुए सामाजिक कार्यों में लगे रहेंगे। इससे समाज को फायदा होगा।’’
द्रविड़ मुनेत्र कषगम सदस्य तिरूची शिवा ने कहा कि उच्च सदन एकमात्र ऐसा मंच है जहां इतनी विविधता है। उन्होंने कहा कि विभिन्न दलों के सदस्य तमाम मतभेदों के बीच मिल कर काम करते हैं।
आम आदमी पार्टी के नारायण दास गुप्ता ने कहा कि सेवानिवृत्त हो रहे सदस्य आगे भी उसी लगन से समाज सेवा करते रहेंगे।
भारत राष्ट्र समिति नेता के केशव राव ने भी उम्मीद जताई कि वे आगे भी सार्वजनिक जीवन में बने रहेंगे और लोगों की सेवा करते रहेंगे।
डेरेक ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कुछ समय के लिए सदन में आते तो सदस्यों को अच्छा लगता।
बीजू जनता दल के सस्मित पात्रा, जनता दल (यू) के रामनाथ ठाकुर, मनोनीत पी टी उषा, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के वी शिवदासन ने भी अवकाशग्रहण कर रहे सदस्यों को शुभकामनाएं दी और कहा कि वह यहां से जाने के बाद भी लोगों के मुद्दे उठाते रहेंगे।
अनावाडीया ने अपने विदाई संबोधन में कहा कि वह अपने दल के विभिन्न नेताओं के आभारी हैं जिन्होंने एक सामान्य कार्यकर्ता को देश के उच्च सदन का सदस्य बनने का मौका दिया। उन्होंने कहा कि वह कुम्हार प्रजापति समुदाय से आते हैं और वह अपने समुदाय के पहले व्यक्ति हैं जिन्हें उच्च सदन का सदस्य बनने का मौका मिला।
प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा कि सदन से मणिपुर के संबंध में एक प्रस्ताव पारित होना चाहिए था क्योंकि लोगों की निगाहें उच्च सदन की ओर हैं।
लोखंडवाला, शांता छेत्री और सुष्मिता देव ने भी इस मौके पर अपने अनुभव साझा किए।
सभापति ने उन्हें विदाई देते हुए कहा कि वे जब कभी दिल्ली आएं तो उन्हें ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रयास किया जाएगा कि उन्हें वेस्टर्न कोर्ट (हॉस्टल) में ठहराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अवकाशग्रहण करने वाले सदस्यों की पेंशन एवं अन्य प्रक्रियाओं को भी जल्द पूरा करने के प्रयाय किए गए हैं।
राज्यसभा में सदस्यों का कार्यकाल छह वर्ष का होता है।
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