देश की खबरें | राजनाथ सिंह ट्विन विमानवाहक ऑपेरशन देखने के लिए समुद्र में उतरेंगे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भारतीय नौसेना के शीर्ष कमांडर अरब सागर में नौसेना के दो विमानवाहक पोतों में से एक पर आयोजित होने वाले एक अहम सम्मेलन में भारत की समुद्री सुरक्षा चुनौतियों की मंगलवार को व्यापक समीक्षा करेंगे।
नयी दिल्ली, चार मार्च रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भारतीय नौसेना के शीर्ष कमांडर अरब सागर में नौसेना के दो विमानवाहक पोतों में से एक पर आयोजित होने वाले एक अहम सम्मेलन में भारत की समुद्री सुरक्षा चुनौतियों की मंगलवार को व्यापक समीक्षा करेंगे।
इसके साथ ही वह सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में दोनों विमानवाहक पोतों को देखने के लिए समुद्र में उतरेंगे, जो भारतीय नौसेना की 'ट्विन कैरियर ऑपरेशन' संचालित करने की क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।
नौसेना कमांडरों के द्विवार्षिक सम्मेलन के पहले दिन सिंह ‘‘ट्विन कैरियर ऑपरेशंस’’ में विमानवाहक पोतों- आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य की युद्धक क्षमता का भी अवलोकन करेंगे।
नौसैन्य कमांडर हिंद महासागर में चीन की बढ़ती सैन्य ताकत के साथ लाल सागर और आसपास के इलाकों में विभिन्न मालवाहक पोतों पर हूती विद्रोहियों के हमले से पैदा हुई स्थिति समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श कर सकते हैं।
इस तीन दिवसीय सम्मेलन में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल अनिल चौहान के साथ नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार, थलसेना प्रमुख जनरल मनोज पाण्डे और वायु सेना प्रमुख वी आर चौधरी भी भाग लेंगे। वे क्षेत्रीय सुरक्षा के बदलते माहौल के बीच तीनों सेवाओं के बीच तालमेल बढ़ाने के तरीकों समेत व्यापक मुद्दों पर नौसैन्य कमांडरों के साथ बातचीत करेंगे।
नौसेना के प्रवक्ता कमांडर विवेक मधवाल ने कहा, ‘‘वे देश की रक्षा और भारत के राष्ट्रीय हित में तीनों सेवाओं का तालमेल और तत्परता बढ़ाने के रास्तों को तलाशेंगे।’’
यह सम्मेलन नौसेना के कमांडरों के लिए समुद्री सुरक्षा से संबंधित रणनीतिक गतिविधियों के साथ ही वरिष्ठ सरकारी पदाधिकारियों से बातचीत करने के उद्देश्य से एक मंच उपलब्ध कराता है।
मधवाल ने बताया कि इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में रक्षा मंत्री ‘ट्विन कैरियर ऑपरेशंस’ चलाने की भारतीय नौसेना की क्षमता का प्रदर्शन करने वाले दोनों विमानवाहन पोतों को देखने के लिए समुद्र में उतरेंगे।
नौसेना कमांडरों के सम्मेलन का पिछला सत्र पिछले साल मार्च में स्वदेश निर्मित विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर हुआ था।
नौसैन्य प्रवक्ता ने कहा, ‘‘पिछले छह महीनों में इजराइल-हमास संघर्ष के कारण हिंद महासागर क्षेत्र में भू-राजनीतिक परिदृश्य में बड़े बदलाव हुए हैं।’’
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