नयी दिल्ली, 24 सितंबर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को भारतीय तटरक्षक को पारंपरिक और भावी खतरों से निपटने के लिए एक प्रौद्योगिकी-उन्मुख बल बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
तटरक्षक कमांडरों के सम्मेलन में, अपने संबोधन में उन्होंने आत्मनिर्भर तटरक्षक बल बनाने के सरकार के संकल्प को भी दोहराया।
रक्षा मंत्री ने तटरक्षक को भारत की अग्रणी ताकत बताया, जो विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) की निरंतर निगरानी के माध्यम से देश के विशाल समुद्र तट की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उन्होंने आंतरिक आपदाओं से राष्ट्र की रक्षा करने में तटरक्षक के योगदान को ‘‘अद्वितीय’’ बताया।
अपने संबोधन में उन्होंने मौजूदा ‘‘अप्रत्याशित समय’’ में पारंपरिक और उभरते खतरों से निपटने के लिए मानव-उन्मुख से प्रौद्योगिकी-उन्मुख बल बनने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सिंह ने कहा, ‘‘दुनिया प्रौद्योगिकीय क्रांति के दौर से गुजर रही है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम प्रौद्योगिकी और ड्रोन के इस दौर में सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण ऐसा लगता है कि भविष्य में समुद्री खतरे बढ़ेंगे। हमें सतर्क और तैयार रहने की जरूरत है।’’
सिंह ने कहा, ‘‘मानव शक्ति का महत्व हमेशा बना रहेगा, लेकिन यह जरूरी है कि दुनिया हमें तकनीक-उन्मुख तटरक्षक के रूप में जाने।’’
उन्होंने समुद्री सीमाओं पर अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह देश की सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करने के प्रति प्रोत्साहित करने का काम करती है।
रक्षा मंत्री ने एक ओर जहां नवीनतम प्रौद्योगिकी को शामिल करने के लाभों पर जोर दिया, वहीं दूसरी ओर उन्होंने कमांडरों से इसके नकारात्मक पक्ष से सावधान रहने का भी आह्वान किया।
उन्होंने प्रौद्योगिकी को दोधारी तलवार करार दिया और तटरक्षक से संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए सक्रिय, सतर्क और तैयार रहने का आह्वान किया।
सिंह ने स्वदेशी प्लेटफार्मों और उपकरणों के साथ सशस्त्र बलों और तटरक्षक के आधुनिकीकरण एवं इसे और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
आत्म-निर्भरता प्राप्त करने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर, उन्होंने कहा कि भारतीय शिपयार्ड तटरक्षक के लिए 4,000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 31 जहाजों का निर्माण कर रहा है।
उन्होंने तटरक्षक की क्षमताओं को बढ़ाने के लिए रक्षा खरीद परिषद की मंजूरियों को भी रेखांकित किया, जिसमें बहुउद्देश्यीय समुद्री विमान, इंटरसेप्टर नौकाएं, डोर्नियर विमान और अगली पीढ़ी के तेज गश्ती जहाजों की खरीद शामिल है।
उन्होंने कहा कि तीनों सशस्त्र बल (थलसेना, वायुसेना और नौसेना) बदलते समय के साथ खुद को विकसित कर रहे हैं।
रक्षा मंत्री ने दिवंगत तटरक्षक महानिदेशक राकेश पाल को भी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनका हाल ही में चेन्नई में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था।
सिंह ने कहा कि पाल की असामयिक मृत्यु एक अपूरणीय क्षति है।
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