देश की खबरें | राजेवाल ने सिंघू बार्डर पर हिंसा के पीछे सरकार, भाजपा-आरएसएस की साजिश का आरोप लगाया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने शनिवार को आरोप लगाया कि सिंघू बार्डर पर पथराव की घटना के पीछे सरकार, भाजपा और आरएसएस की साजिश है। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि भड़काये जाने के बाद किसान किसी हिंसा में शामिल नहीं होंगे।

चंडीगढ़, 30 जनवरी किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने शनिवार को आरोप लगाया कि सिंघू बार्डर पर पथराव की घटना के पीछे सरकार, भाजपा और आरएसएस की साजिश है। उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि भड़काये जाने के बाद किसान किसी हिंसा में शामिल नहीं होंगे।

उन्होंने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर दो फरवरी तक रिकॉर्ड संख्या में लोगों के एकत्र होने की उन्हें उम्मीद है। केंद्र के नये कृषि कानूनों के खिलाफ इन स्थानों पर किसान प्रदर्शन कर रहे हैं और वहां विभिन्न राज्यों से काफी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।

भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के अध्यक्ष राजेवाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम दिल्ली की सीमाओं पर 26 जनवरी से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे है। आज भी प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।’’

उन्होंने दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।

राजेवाल ने कहा, ‘‘ प्रदर्शन स्थलों पर पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। संभव है कि दो फरवरी तक प्रदर्शन स्थलों पर फिर से रिकॉर्ड संख्या में लोग एकत्र हो जाएं।’’

सिंघू बार्डर की घटना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘ इस घटना के पीछे सरकार, भाजपा और आरएसएस की साजिश है।’’

उन्होंने दावा किया कि स्थानीय लोग किसानों के साथ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सिंघू बार्डर की घटना के पीछे जिनका हाथ है, वे ‘‘भाजपा और आरएसएस के लोग’’ हैं।

पुलिस ने शुक्रवार को किसानों और स्थानीय निवासी होने का दावा करने वाले लोगों के बीच टकराव को खत्म करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे थे और लाठीचार्ज किया था। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर पथराव किया था।

गाजीपुर की घटना का जिक्र करते हुए राजेवाल ने भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं पर वहां किसानों को ‘भड़काने’ का आरोप लगाया।

उन्होंने टिकैत के भावुक हो जाने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘ हम इस के लिए उन्हें सम्मानित करेंगे।’’

वह बृहस्पतिवार शाम की घटना का जिक्र कर रहे थे जब टिकैत के भावुक हो जाने का वीडियो वायरल हुआ था।

उन्होंने कहा, ‘‘ जो लोग किसान आंदोलन से लंबे समय से जुड़े रहे हैं, वे कभी कभी भावुक हो जाते हैं। जिस तरह से प्रशासन उनके साथ बर्ताव कर रहा था, उससे वह आहत हुए।’’

राजेवाल ने 26 जनवरी को दिल्ली में किसानों की ‘ट्रैक्टर परेड’ के दौरान हुई हिंसा के संदर्भ में कहा,‘‘ हम सभी स्तब्ध थे क्योंकि हमने कभी ऐसा सोचा नही था। लाल किला देश का गौरव है।’’

उन्होंने कहा कि किसान संगठनों का लालकिले की ओर जाने की कोई योजना नहीं थी। उन्होंने कहा कि इसलिए किसान संगठनों ने ट्रैक्टर मार्च वापस लिया, अन्यथा यह 72 घंटों के लिए था।

इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने के कदम को लेकर राजेवाल ने हरियाणा सरकार की निंदा की। गौरतलब है कि हरियाणा सरकार ने शनिवार शाम पांच बजे तक के लिए राज्य के 17 और जिलों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित करने का शु्क्रवार को निर्णय लिया था।

उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाया कि वह ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं’’ की तस्वीरें दिखाकर लोगों में भय पैदा कर रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ (किसानों के) जारी आंदोलन को बदनाम करने के लिए सरकार गलत प्रचार करके लोगों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।’’

राजेवाल ने दिल्ली की सीमाओं पर आंदोलन में शामिल हो रहे लोगों से प्रदर्शन में शांति बनाए रखने की अपील की तथा कहा कि वे गुस्से में नहीं आएं, अन्यथा इससे शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रभावित होगा। उन्होंने कहा, ‘‘आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है।’’

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रदर्शन स्थल पर किसानों को उकसा कर हिंसा भड़काने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हम सतर्क हैं। हम किसी तरह की हिंसा में संलिप्त नहीं होंगे।’’

प्रदर्शनकारी किसानों तथा सरकार के प्रतिनिधियों के बीच अगली बैठक के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘वे हमें बुलाएंगे, तो हम जरूर जाएंगे।’’

दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के सिलसिले में करीब 20 किसान नेताओं को नोटिस भेजे हैं।

दिल्ली पुलिस द्वारा नोटिस जारी किये जाने के बाद जांच से जुड़ने के प्रश्न पर राजेवाल ने कहा, ‘‘ उसने 27 जनवरी को हमें नोटिस भेजा लेकिन उसी मामले में 26 जनवरी को एक प्राथमिकी भी दर्ज की गयी। वह पहले ही कार्रवाई कर चुकी है, अब वे क्या जवाब मांग रहे हैं।’’

हालांकि दोबारा पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘ कोई नहीं, हम जवाब भेजेंगे।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\