देश की खबरें | अपराध के खिलाफ कार्रवाई में राजस्थान पूरे देश में अव्वल: गहलोत

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जयपुर, 25 अगस्त मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि अपराधों के खिलाफ कार्रवाई (रेस्पॉन्स टाइम) में राजस्थान पूरे देश में अव्वल है। उन्होंने कहा कि सरकार के नवाचारों से राज्य में अपराधों पर नियंत्रण हुआ है और फरियादी को राहत मिली है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके नेता इस मुद्दे पर राजस्थान को पूरे देश में बदनाम कर रहे हैं, जबकि हकीकत दूसरी है।

गहलोत ने यहां पुलिस मुख्यालय में एक बैठक में पुलिस विभाग की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मिशन-2030 के तहत वर्ष 2030 तक के लिए पुलिस विभाग का रोडमैप तैयार किया जाएगा।

सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, बैठक में बताया गया कि अपराध के मामलों में लगने वाले औसत समय में निरंतर कमी आ रही है।

इसमें कहा गया कि दुष्कर्म के मामलों में औसत अनुसंधान समय वर्ष 2017 में 208 दिन से घटकर अब 59 दिन रह गया है। अनुसूचित जाति-जनजाति (अजा-जजा) मामलों में यह वर्ष 2019 में 128 दिन से घटकर अब 65 दिन रह गया है।

बयान में कहा गया कि महिला अत्याचार प्रकरणों में 45.2 प्रतिशत सजा दर के साथ राजस्थान देश का अग्रणी राज्य है। महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं को रोकने के लिए ऑपरेशन गरिमा चलायाजा रहा है। इस तरह के अवांछित कृत्य करने वालों के विरुद्ध चालान होने पर उनके चरित्र सत्यापन में इसका उल्लेख किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में साम्प्रदायिक सौहार्द्र को बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सोशल मीडिया पर विशेष ध्यान देकर नफरती तथा हिंसात्मक सामग्री की विशेष निगरानी की जाए।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में अब थाने में प्राथमिकी दर्ज करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इससे प्राथमिकी की संख्या बढ़ेगी, लेकिन इसकी उन्हें चिंता नहीं है और वह चाहते हैं कि फरियादी को न्याय मिले।

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के हवाले से उन्होंने कहा कि अपराध में वृद्धि व अपराध पंजीकरण में वृद्धि, दोनों में अंतर है।

गहलोत ने कहा,‘‘कुछ लोग इन दोनों को एक मानने की गलती कर लेते हैं। विपक्षी दलों के लोग यह गलती जानबूझकर कर रहे हैं। केंद्र में जो सरकार बैठी है उनकी पार्टी के ये लोग हैं, इन्हें मालूम है कि अपराध व अपराध पंजीकरण में वृद्धि में फर्क है। ये जानबूझकर गुमराह कर रहे हैं, राजस्थान को पूरे देश में बदनाम कर रहे हैं, जबकि हकीकत दूसरी है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान शांतिप्रिय राज्य है जहां अनिवार्य पंजीकरण लागू किए जाने के कारण दर्ज मामलों की संख्या बढ़ी, लेकिन कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार हुआ है। गहलोत ने कहा कि राजस्थान पुलिस चाकचौबंद है और कोई भी घटना होने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। अपराधियों को चेताते हुए उन्‍होंने कहा,' 'अपराधी या तो अपराध छोड़ें या राजस्थान छोड़ें।’’

गहलोत ने राजस्थान में अपराध व उन पर कार्रवाई संबंधी आंकड़ों की अन्य राज्यों के आंकड़ों से तुलना करते हुए कहा कि विपक्ष के लोग जिस तरह से अफवाह फैला रहे हैं, उससे वह पूरी तरह बेनकाब हो जाते हैं। उन्होंने कहा,‘‘ इनके केंद्रीय नेता, केंद्रीय मंत्री और प्रधानमंत्री भी राजस्थान को बदनाम करने से नहीं चूकते। कहां मणिपुर ... उस राज्य से प्रधानमंत्री ने राजस्थान व छत्तीसगढ़ की तुलना की।’’

उन्होंने कहा कि देश में चिंताजनक स्थिति बनी हुई। संविधान की धज्जियां उड़ रही हैं और लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने कहा कि जहां चुनाव होने होते हैं वहां प्रवर्तन निदेशालय और आयकर विभाग चले जाते हैं।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा,‘‘फर्जी मुठभेड़ और असली मुठभेड़ में रात-दिन का फर्क होता है। जहां मुठभेड़ की जरूरत होती है वहां पुलिस चूकती नहीं और न ही चूकना चाहिए। राजस्थान में फर्जी मुठभेड़ का रिवाज नहीं है और ना हम चाहते हैं कि ऐसा रिवाज शुरू हो।’’

राज्य में एक बार फिर कांग्रेस की सरकार बनने का विश्वास जताते हुए गहलोत ने कहा कि राजस्थान का माहौल देखकर लगता है कि इस बार कांग्रेस दोबारा विजय हासिल करेगी और इसकी सरकार बरकरार रहेगी।

पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के मुद्दे पर उन्होंने कहा,‘‘ भाजपा ने राजस्थान राज्य के साथ धोखा किया है। जयपुर में प्रधानमंत्री मोदी के बोलने के बाद क्या कारण है कि आप इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं कर रहे। उनकी जिद है इसे राष्ट्रीय परियोजना घोषित नहीं करने की, मेरी जिद है कि इस योजना को पूरी करके रहूंगा।’’

इस अवसर पर गहलोत ने दौसा जिले में बदमाशों की गोली से घायल हुए पुलिस कांस्टेबल प्रहलाद सिंह के निधन पर शोक जताया व उनके परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता सहित अन्‍य मदद देने की घोषणा की। गहलोत ने 100 फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल (एफआरवी) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

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