देश की खबरें | राजस्थान: विधानसभा अध्यक्ष ने सदन में व्यवधान को संसदीय परंपराओं पर आघात बताया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान विपक्ष द्वारा कार्यवाही में व्यवधान डाले जाने की आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय और राजस्थान विधान सभा की ‘‘गौरवशाली संसदीय परंपराओं पर गंभीर आघात’’ बताया।

जयपुर, सात फरवरी राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान विपक्ष द्वारा कार्यवाही में व्यवधान डाले जाने की आलोचना करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय और राजस्थान विधान सभा की ‘‘गौरवशाली संसदीय परंपराओं पर गंभीर आघात’’ बताया।

देवानानी ने कहा सदन में नेता प्रतिपक्ष का भाषण नहीं होना और सदन के नेता के राज्यपाल अभिभाषण के जवाब के दौरान पूरे समय व्यवधान संसदीय इतिहास की असामान्य घटनाओं में से एक है।

कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के फोन टैप किए जाने के आरोपों को लेकर शुक्रवार को विपक्षी कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया। विपक्ष ने मुख्यमंत्री से जवाब देने या इस्तीफा देने की मांग की। हंगामे के कारण शुक्रवार को सदन की कार्यवाही तीन बार स्थगित करनी पड़ी।

देवनानी ने एक बयान में कहा कि शुक्रवार को सोलहवीं विधान सभा के तृतीय सत्र में राज्यपाल अभिभाषण पर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रतिपक्ष द्वारा किये गये व्यवधान को दूर करने के लिए अनेक प्रयास किए गए।

देवनानी ने कहा कि उन्होंने सदन में उत्पन्न गतिरोध दूर करने के लिए नेता प्रतिपक्ष सहित वरिष्ठ नेताओं से चर्चा का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि सदन में आज जो कुछ भी व्यवधान की स्थिति बनी, वह राजस्थान विधानसभा की गौरवशाली संसदीय परंपराओं पर गंभीर आघात है। उन्होंने कहा कि सदन में नेता प्रतिपक्ष का भाषण नहीं होना और राज्यपाल के अभिभाषण पर सदन के नेता के जवाब के दौरान पूरे समय व्यवधान संसदीय इतिहास की असामान्य घटनाओं में से एक है।

देवनानी ने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान प्रतिपक्ष द्वारा सदन संचालन में व्यवधान पैदा करना लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।

उन्होंने कहा कि प्रतिपक्ष द्वारा सदन को चलाने में सहयोग न करना उनके लिए पीड़ादायक रहा है।

देवनानी ने कहा कि प्रतिपक्ष के असहयोग के बावजूद भी उन्होंने शुक्रवार को कार्यसूची के अनुरूप प्रश्नकाल और शून्यकाल में सदन की कार्यवाही को चलाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सदन चलाने का दायित्व पक्ष के साथ प्रतिपक्ष का भी होता है और सदन संचालन लोकतंत्र के लिए आवश्यक होता है।

उन्होंने कहा कि विधान सभा के प्रत्येक सदस्य को सदन संचालन के कार्य में अपनी भूमिका का निर्वहन निष्ठा से करना चाहिए।

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