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देश की खबरें | राजस्थान : बिजली संकट को लेकर सत्ता पक्ष-विपक्ष में बयानबाजी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राज्य में जारी बिजली संकट को लेकर शुक्रवार को सत्तारूढ़ कांग्रेस व मुख्य विपक्षी दल भाजपा के नेताओं ने एक दूसरे पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि मौजूदा संकट, राष्ट्रीय संकट है और लोग एकजुट होकर हालात बेहतर बनाने में सरकार का सहयोग करें।

देश की खबरें | राजस्थान : बिजली संकट को लेकर सत्ता पक्ष-विपक्ष में बयानबाजी

जयपुर, 29 अप्रैल राज्य में जारी बिजली संकट को लेकर शुक्रवार को सत्तारूढ़ कांग्रेस व मुख्य विपक्षी दल भाजपा के नेताओं ने एक दूसरे पर निशाना साधा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि मौजूदा संकट, राष्ट्रीय संकट है और लोग एकजुट होकर हालात बेहतर बनाने में सरकार का सहयोग करें।

वहीं भाजपा ने कहा कि मुख्यमंत्री संकट के प्रबंधन की विफलता का ठीकरा केन्द्र और भाजपा पर फोड़ना चाहते हैं।

उल्लेखनीय है कि मांग की तुलना में पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं होने के कारण राज्य के लगभग सभी इलाकों में कटौती की जा रही है। भाजपा ने बिजली संकट को लेकर शुक्रवार को ग्रिड सबस्टेशन के बाहर प्रदर्शन किया।

गहलोत ने ट्वीट किया,‘‘देश के 16 राज्यों में बढ़ती गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ी है और इसके अनुरूप कोयले की आपूर्ति नहीं हो रही है जिसके कारण आवश्यकतानुसार बिजली आपूर्ति संभव नहीं है। यह एक राष्ट्रीय संकट है।’’

इसके साथ ही गहलोत ने बिजली कटौती के खिलाफ बिजलीघरों पर प्रदर्शन करने के भाजपा के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में प्रदेश भाजपा बिजली घरों पर प्रदर्शन कर इस संकट में चुनौतीपूर्ण कार्य कर रहे बिजली कर्मचारियों को परेशान कर उन पर दबाव बनाने का कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यों को कोयला उपलब्ध करवाने का काम केन्द्र सरकार का है। उन्होंने पूछा कि क्या प्रदेश भाजपा का दिशाहीन नेतृत्व केन्द्र सरकार से इस बारे में सवाल करेगा कि वह मांग के अनुसार कोयला उपलब्ध कराने में सक्षम क्यों नहीं है।

गहलोत के बयान के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनियां ने कहा कि गहलोत सरकार बिजली संकट के प्रबंधन की विफलता केन्द्र सरकार और भाजपा पर थोपना चाहती है।

उन्होंने कहा कि 24 अप्रैल के मुख्यमंत्री के सरकारी बयान में कहा गया था कि राजस्थान में कोयले की कोई किल्लत नहीं है और बिजली की निर्बाध आपूर्ति की जाएगी, लेकिन अब पोल खुल गई है।

बिजली संकट पर विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता राजेन्द्र राठौड़ ने भी एक प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने कहा कि बिजली कटौती और बिजली संकट सरकार की नाकामी को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि राज्य की बिजली वितरण कंपनियां 90 हजार करोड़ रुपये के घाटे में चल रही हैं जो एक चिंता का विषय है।

दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बिजली संकट के लिये केन्द्र सरकार को जिम्मेदार बताते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा मांग के अनुसार कोयला उपलब्ध नहीं करवाने के कारण राजस्थान सहित देश के 16 राज्य बिजली की कमी से जूझ रहे हैं।

डोटासरा ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा मांग के अनुसार कोयला उपलब्ध नहीं करवाने के कारण देश के कुल 173 बिजली संयंत्र में से 106 संयंत्र में कोयले की उपलब्धता शून्य से 25 प्रतिशत के मध्य है। उन्होंने कहा कि देश के चौथाई बिजली संयंत्र बंद हैं।

पृथ्वी कुंज

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 29, 2022 08:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).