नयी दिल्ली, नौ जून प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षा पर्चे के कथित लीक से जुड़े धनशोधन मामले में हाल ही में की गई छापेमारी में अचल संपत्ति के दस्तावेज, “फर्जी” प्रश्न पत्र और कुछ लोगों के बैंक खाते का विवरण जब्त किया गया है।
ये छापे कथित वरिष्ठ शिक्षक ग्रेड द्वितीय पर्चा लीक मामले और आरईईटी पर्चे के लीक मामले की जांच के तहत पांच जून को जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, डूंगरपुर, बाड़मेर, सीकर और जालौर सहित राज्य के 27 स्थानों पर मारे गए थे।
वरिष्ठ शिक्षक ग्रेड द्वितीय परीक्षा पिछले साल राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) द्वारा आयोजित की गई थी, जबकि शिक्षकों के लिए राजस्थान पात्रता परीक्षा (आरईईटी) राज्य शिक्षा बोर्ड द्वारा 2021 में आयोजित की गई थी।
धनशोधन का मामला राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) द्वारा दर्ज प्राथमिकी से उत्पन्न हुआ है।
एजेंसी ने कहा कि यह पाया गया कि इन मामलों में संदिग्धों ने प्रश्नपत्रों को “लीक” किया और छद्म उम्मीदवारों आदि से परीक्षा दिलवाई।
ईडी की छापेमारी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि ईडी और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दबाव में आकर काम करना उचित नहीं है।
इस बारे में पूछे जाने पर गहलोत ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने पहले ही कहा था कि ईडी का इंतजार हो रहा था, क्योंकि हम जानते हैं कि देश में जहां-जहां चुनाव हुए हैं, वहां सब जगह पहले ईडी जाती है। उन्हें सूची दी जाती है। ईडी का दबाव में काम करना उचित नहीं है। चाहे सीबीआई हो, ईडी हो या आयकर विभाग हो, अगर (ये एजेंसियां) बिना दबाव के निष्पक्ष काम करें, तो हम इसका स्वागत करेंगे।’’
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