देश की खबरें | राजस्थान: तीन दिवसीय सम्मेलन में बाघों को बचाने के लिए तत्काल कदम उठाने पर जोर
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजस्थान के जयपुर में आयोजित ‘रॉयल रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक’ 2025 के शनिवार को दूसरे दिन वन्यजीव संरक्षण में प्रदेश की भूमिका, वन्यजीव आवासों की सुरक्षा, वन्यजीव शिकार के खिलाफ उठाये गये कदम पर प्रकाश डाला गया।
जयपुर, 12 अप्रैल राजस्थान के जयपुर में आयोजित ‘रॉयल रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक’ 2025 के शनिवार को दूसरे दिन वन्यजीव संरक्षण में प्रदेश की भूमिका, वन्यजीव आवासों की सुरक्षा, वन्यजीव शिकार के खिलाफ उठाये गये कदम पर प्रकाश डाला गया।
इसके अलावा बाघ संरक्षण के लिए अद्वितीय कार्य करने वाले लोगों को सात श्रेणियों में सम्मानित किया गया।
‘वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया’ के अध्यक्ष एम.के. रणजीत सिंह झाला को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड और राजसमंद के दिवंगत रेंजर किशोर कुमार समेत तीन लोगों को ‘टाइगर वारियर्स अवॉर्ड’ से नवाजा गया।
तीन दिवसीय ‘रॉयल रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक’ 2025 का समापन रविवार को टाइगर सफारी के साथ होगा।
‘रॉयल रणथंभौर इंटरनेशनल टाइगर वीक’ के संस्थापक सुनील मंगल ने बताया कि बाघ संरक्षण एवं सुरक्षा कानून में अपना अहम योगदान निभाने वाले ‘वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया’ के अध्यक्ष एम.के. रणजीतसिंह झाला को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
उन्होंने बताया कि राजसमंद के दिवंगत रेंजर किशोर कुमार को ‘टाइगर वॉरियर्स अवार्ड’ से सम्मानित किया गया।
जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व को ‘सबसे बड़ी बाघ आबादी वाला बाघ अभ्यारणय’ का खिताब दिया गया और मध्यप्रदेश को ‘सबसे बड़ी बाघ आबादी वाला भारतीय राज्य’ के रूप में मान्यता दी गई।
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