देश की खबरें | राजस्थान : विधानसभा में सत्तापक्ष के साथ जारी गतिरोध के बीच कांग्रेस का सदन से बहिष्कार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजस्थान में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस नेताओं के बीच विधानसभा में गतिरोध बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। कांग्रेस विधायकों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया और विधानसभा के बाहर धरना दिया।

जयपुर, 27 फरवरी राजस्थान में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी कांग्रेस नेताओं के बीच विधानसभा में गतिरोध बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। कांग्रेस विधायकों ने सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया और विधानसभा के बाहर धरना दिया।

विधानसभा में गतिरोध पिछले शुक्रवार को राज्य के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणी और फिर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा द्वारा विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी पर की गई टिप्पणी के कारण बना हुआ।

विपक्षी कांग्रेस विधायक तख्तियां लेकर अपने आवासों से विधानसभा परिसर पहुंचे और द्वार पर बैठ गए। विधायकों ने नारेबाजी की और राज्य मंत्री अविनाश गहलोत से पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के खिलाफ की गई टिप्पणी के लिए माफी की मांग की।

कांग्रेस विधायकों ने द्वार पर अपने विरोध के दौरान, सदन के बाहर समानांतर प्रश्नकाल भी चलाया। विधायक घनश्याम को अध्यक्ष बनाया गया, जबकि अन्य सदस्य उनसे सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं के ‘आचरण’ से संबंधित सवाल पूछते रहे।

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से कहा, "यह समाप्त होना चाहिए, ताकि विधानसभा में बहस हो सके। सत्ता पक्ष और विपक्ष को सहयोग करना चाहिए तथा दोनों पक्षों में से किसी एक में अहंकार नहीं होना चाहिए। यह तनाव अनावश्यक है।"

विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा कि "सत्ता पक्ष के मंत्री ने टिप्पणी की थी। हम तीन दिन तक विधानसभा के अंदर सोए। गतिरोध समाप्त करने के लिए वार्ता हुई। विपक्ष के तीन नेताओं ने खेद व्यक्त किया। इसके बावजूद सरकार के मंत्री जवाब नहीं दे रहे हैं।"

उन्होंने कहा, "मैंने मुख्यमंत्री और संसदीय कार्य मंत्री को बताया है कि वार्ता के लिए हमारे दरवाजे खुले हैं।

उनके मुताबिक, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी कहा कि वह विधानसभा अध्यक्ष के आवास पर जाकर मामले को स्पष्ट कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने मंत्रियों के प्रदर्शन से डरी हुई है और वे जवाब नहीं दे पा रहे हैं इसलिए वे सदन नहीं चलाना चाहते।

सरकार की ओर से गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा "कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष द्वारा सदन में अभद्र शब्दों का प्रयोग किया गया तथा उसे अखबारों में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। वे उस पर सवाल उठा रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस विधायकों को चुना और वे सदन से भाग गए। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोशल मीडिया पर संदेश पोस्ट करने में व्यस्त हैं और मुद्दे उठाने के लिए विधानसभा नहीं आते।

बेढम ने कहा कि मंत्री अवनीश गहलोत ने 'दादी' शब्द का इस्तेमाल किया और यह शब्द असंसदीय नहीं है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री (पंडित जवाहरलाल नेहरू) को 'चाचा' कहा गया।

उन्होंने कहा, "डोटासरा को विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए। वे पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में एक गरिमापूर्ण पद पर हैं। उन्हें सदन में आकर माफी मांगनी चाहिए और सदन को सुचारू रूप से चलने देना चाहिए। उन्हें कौन रोक रहा है? "

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी मंगलवार को भावुक हो गए थे। उन्होंने कहा कि सदन में डोटासरा द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्द आसन के लिये "अपमानजनक" थे।

देवनानी ने कहा कि वे कभी पक्षपाती नहीं रहे और फिर भी अगर अनुचित शब्दों का इस्तेमाल किया गया तो यह "दुखद" था।

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने सोमवार को सदन में देवनानी के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। इससे पहले राज्य विधानसभा में मंत्री अविनाश गहलोत ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर टिप्पणी की थी। गतिरोध के कारण छह कांग्रेस विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया और उन्हें विधानसभा में प्रवेश नहीं करने दिया गया।

सदन में 'अभद्र व्यवहार' के कारण कांग्रेस प्रमुख डोटासरा, रामकेश मीणा, अमीन कागजी, जाकिर हुसैन, हाकम अली और संजय कुमार को शुक्रवार को विधानसभा के बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया था।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के कक्ष में पक्ष विपक्ष के नेताओं की कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन मामला सुलझ नहीं सका क्योंकि अध्यक्ष और संसदीय कार्य मंत्री निलंबित कांग्रेस सदस्य डोटासरा के बयान से संतुष्ट नहीं थे।

उल्लेखनीय है कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास संबंधी प्रश्न का उत्तर देते समय विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा था, ‘‘2023-24 के बजट में भी आपने हर बार की तरह अपनी ‘दादी’ इंदिरा गांधी के नाम पर इस योजना का नाम रखा था।’’

इस टिप्पणी के कारण सदन में भारी हंगामा हुआ था, जिसके कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित छह कांग्रेस विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया था। सदन की बैठक स्थगित होने के बाद कांग्रेस विधायकों ने मंत्री से माफी मांगने और निलंबन रद्द करने की मांग करते हुए विधानसभा में धरना शुरू कर दिया था फिर बाद में सदन का बहिष्कार किया।

कुंज

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

GT vs MI, IPL 2026 30th Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा गुजरात टाइटंस बनाम मुंबई इंडियंस के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

PBKS vs LSG, IPL 2026 29th Match Scorecard: चंडीगढ़ मुकाबले में पंजाब किंग्स ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 54 रनों दी पटखनी, लगाया जीत का पंजा; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

Will MS Dhoni Play in MI vs CSK IPL 2026 Match: मुंबई इंडियंस बनाम चेन्नई सुपरकिंग्स के मुकाबले से पहले बड़ी खबर, क्या आईपीएल 2026 में वापसी करेंगे एमएस धोनी? फिटनेस को लेकर आया अपडेट

Manipur Tension: मणिपुर में फिर बढ़ा तनाव, उखरुल में पूर्व सैनिक समेत दो की हत्या से हालात बिगड़े; संदिग्ध उग्रवादियों पर FIR दर्ज