नयी दिल्ली, सात जून केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की उपलब्धियों का जिक्र किया तथा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका (गहलोत का) मुख्य ध्यान अपनी 'कुर्सी' बचाने पर केंद्रित है, जबकि राज्य प्रगति के मामले में निचले पायदान पर खड़ा है।
शेखावत ने कहा कि राज्य की कांग्रेस सरकार केंद्र प्रायोजित योजनाओं सहित विभिन्न परियोजनाओं को लागू करने में पूरी तरह विफल रही है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं जोधपुर से सांसद शेखावत ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री गहलोत ने गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वालों को रसोई गैस पर सब्सिडी और किसानों को 2,000 यूनिट बिजली मुफ्त देने की घोषणा सिर्फ राज्य में कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति तथा दलित और आदिवासी महिलाओं के खिलाफ अत्याचार की घटनाओं से ध्यान हटाने के लिए की है।
उन्होंने कहा कि ये घोषणाएं राजस्थान में कांग्रेस सरकार की विफलताओं को छुपाने के इरादे से की गयी हैं।
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने यहां भाजपा मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया, ‘‘राजस्थान सरकार का ध्यान विकास की जरूरतों को पूरा करने की तुलना में 'कुर्सी' बचाने पर अधिक है, जिसके कारण राज्य आज प्रगति की दृष्टि से सबसे निचले पायदान पर खड़ा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार की योजनाओं सहित विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन में राज्य सरकार पूरी तरह विफल रही है।’’
राजस्थान में जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य में नलों के जरिये जलापूर्ति महज 39 प्रतिशत इलाकों में हो सकी है, क्योंकि प्रदेश सरकार संबंधित योजना के समुचित क्रियान्वयन में विफल रही है, जबकि केंद्र सरकार इसके लिए धन आवंटित कर रही है।
शेखावत ने 2014 के बाद से मोदी सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए दावा किया कि केंद्र की कल्याणकारी योजनाओं के परिणामस्वरूप पिछले नौ वर्षों में लोगों के जीवन में जो बदलाव हुआ है, वह दिखता है और यह (लाभ) अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।
उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किये गये कार्यों को पूरा देश और दुनिया स्वीकार कर रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास' के दृष्टिकोण का परिणाम आज दिखाई दे रहा है। देश विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।’’
शेखावत ने आरोप लगाया कि केंद्र में कांग्रेस के नेतृत्व में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) शासन के 10 साल में ‘घोटाले-दर-घोटाले’ हुए हैं और इस अवधि के दौरान तत्कालीन सरकार की ‘सभी मोर्चों पर विफलताओं’ के कारण भारत को "एक कमजोर राष्ट्र" के रूप में देखा गया था।
उन्होंने कहा कि 2014 में सत्ता में आने के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने व्यवस्था में लोगों का विश्वास बहाल किया और ‘सर्वप्रथम भारत’ के दृष्टिकोण को निर्णय लेने की प्रक्रिया के केंद्र में रखते हुए आमलोगों के जीवन में बदलाव लाया।
शेखावत ने कहा, "गरीब और आमलोगों के जीवन में बदलाव आया। योजनाओं को इस बात को ध्यान में रखते हुए शुरू किया गया था कि उनका लाभ देश के अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी भेदभाव के पहुंचे।"
उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ऐसी विदेश नीति बनाई गई कि किसी भी मंच पर भारत के हितों की अनदेखी नहीं की जा सकती, चाहे वह राष्ट्रमंडल हो या संयुक्त राष्ट्र।"
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