देश की खबरें | राजन्ना तीन और उप मुख्यमंत्री बनाने के अपने प्रस्ताव पर अड़े : कहा, इसमें कुछ भी गलत नहीं
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक में तीन और उप मुख्यमंत्री बनाने की मांग को दोहराते हुए राज्य के सहकारी मंत्री के.एन.राजन्ना ने बुधवार को कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के हित को ध्यान में रखते हुए उनके प्रस्ताव में कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी के उकसावे में आकर पेश नहीं किया गया है।
बेंगलुरु, 20 सितंबर कर्नाटक में तीन और उप मुख्यमंत्री बनाने की मांग को दोहराते हुए राज्य के सहकारी मंत्री के.एन.राजन्ना ने बुधवार को कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के हित को ध्यान में रखते हुए उनके प्रस्ताव में कुछ भी गलत नहीं है। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव किसी के उकसावे में आकर पेश नहीं किया गया है।
राजन्ना ने कहा कि वीरशैव-लिंगायत, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों को उप मुख्यमंत्री का पद दिया जाना चाहिए। उन्होंने इन कयासों को भी बकवास करार दिया कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने इस तरह का विचार प्रकट करने के लिए कहा है।
मंत्री ने पहली बार यह प्रस्ताव 16 सितंबर को सार्वजनिक रूप से पेश किया। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व से बात करेंगे। राजन्ना ने कहा, ‘‘ मैंने जाति या समुदाय आधारित तीन और उप मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव पेश किया, मुझे समझ नहीं आ रहा है कि इसमें गलत क्या है? मैंने पार्टी के हित में कांग्रेस नेतृत्व से इस पर विचार करने का अनुरोध किया है। अगर पार्टी नेतृत्व उचित समझेगा तो वह इसे लागू करेगा, अगर वह उचित नहीं समझेगा तो छोड़ देगा, इसमें कुछ भी गलत नहीं है।’’
राजन्ना ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘ मीडिया के कुछ धड़ों में खबर चल रही है कि तीन उप मुख्यमंत्रियों का प्रस्ताव मैंने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के कहने पर दिया। न तो मैं सिद्धरमैया से इस मुद्दे पर मिला और न ही इस प्रस्ताव को उनके समक्ष रखा। इस बारे में कोई चर्चा नहीं की गई।’’
इस समय सिद्धरमैया मंत्रिमंडल में एक मात्र उप मुख्यमंत्री वोक्कालिगा समुदाय के डी.के.शिवकुमार हैं। वह राज्य में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं।
कांग्रेस के एक धड़े का कहना है कि राजन्ना का बयान सिद्धरमैया गुट की योजना का हिस्सा है जो शिवकुमार को नियंत्रण में रखना चाहता है। चर्चा है कि राज्य सरकार का ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद वह मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी कर सकते हैं। ऐसे में सरकार और पार्टी दोनों में उनके प्रभाव को सीमित करने के लिए यह बयान दिलवाया गया।
शिवकुमार के महत्व को कम करने के लिए तीन और उप मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव लाने के आरोपों पर सफाई देते हुए राजन्ना ने कहा कि ‘यह सच्चाई से कहीं दूर है। आगामी लोकसभा चुनाव पार्टी , देश और इस सरकार के लिए अहम है। हमें (कांग्रेस) कर्नाटक में और सीट जीतनी होगी । अगर हम कम सीट जीतते हैं तो वो (भारतीय जनता पार्टी) कहेंगे कि हमने जनादेश खो दिया है और हमें इस्तीफा देना चाहिए...इसलिए हमें लोकसभा की अधिक सीटें जीतनी हैं। इसके लिए मैंने तीन और उप मुख्यमंत्री का विचार सामने रखा।’’
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