देश की खबरें | बारिश और बाढ़ सरकारी अधिकारियों के लिये एक सबक : अदालत

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मद्रास उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि अतिक्रमण के संबध में तमिलनाडु में मौजूदा बारिश और बाढ़ सरकारी अधिकारियों के लिए एक सबक है।

चेन्नई, नौ नवंबर मद्रास उच्च न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि अतिक्रमण के संबध में तमिलनाडु में मौजूदा बारिश और बाढ़ सरकारी अधिकारियों के लिए एक सबक है।

मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी और न्यायमूर्ति पीडी ऑडिकेसवालु की पहली पीठ ने टी तमिलारासन की एक रिट याचिका का निपटारा करते हुए यह टिप्पणी की । इस याचिका में अरियालुर जिला प्रशासन को 1.03 हेक्टेयर विस्तार क्षेत्र में एक व्यक्ति द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाने का निर्देश देने का आग्रह किया गया था । गांव में यह क्षेत्र ममनक्का झील के तौर पर वर्गीकृत है। इस वर्ष 12 अक्टूबर को दायर याचिका में अतिक्रमणकारी के खर्च पर झील को उसके पुराने स्वरूप में बहाल कराने का आदेश देने का अनुरोध किया गया था।

पीठ ने कहा, ‘ रिकार्ड के लिए यह अप्रासंगिक नहीं हो सकता कि चेन्नई और इसके आस पास तथा राज्य में अन्य जगहों पर हो रही बारिश और बाढ़ सरकारी अधिकारियों के लिए किसी भी व्यक्ति के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के लिए एक सबक होना चाहिए जो किसी भी जल निकाय में अथवा बारिश के मौसम में पानी के बहाव वाले किसी रास्ते पर अतिक्रमण करने का प्रयास कर रहा है ।’’

इसने याचिकाकर्ता को चार सप्ताह के भीतर स्थानीय तहसीलदार को की गई शिकायत के मामलों से संबंधित एक नया विस्तृत प्रतिनिधित्व करने की अनुमति दी।

पीठ ने कहा कि इसकी प्राप्ति के तुरंत बाद, तहसीलदार जांच करेंगे और यदि तहसीलदार को जलाशय में कोई अतिक्रमण मिलता है, तो वह कानून के अनुसार अतिक्रमण को हटाने के लिए त्वरित कार्रवाई के लिए तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की सूचना देगा।

पीठ ने कहा कि किसी भी मामले में जांच के बाद तहसीलदार की अंतिम रिपोर्ट याचिकाकर्ता और इससे प्रभावित किसी अन्य व्यक्ति को दस सप्ताह के भीतर भेजी जाएगी।

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