देश की खबरें | अडाणी के साथ कथित संबंधों को लेकर राहुल ने मोदी को निशाना बनाया, अपमानित करने का लगाया आरोप

वायनाड (केरल), 13 फरवरी उद्योगपति गौतम अडाणी के साथ कथित संबंध को लेकर प्रधानमंत्री को निशाना बनाते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगता है कि ‘‘वह बहुत शक्तिशाली हैं, लेकिन उन्हें इसका एहसास नहीं है कि मैं उनसे नहीं डरता।’’ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री पर लोकसभा में उन्हें ‘‘सीधे तौर पर अपमानित’’ करने का भी आरोप लगाया।

गांधी ने कहा, ‘‘वह (मोदी) कहते हैं कि आपका नाम गांधी क्यों है, नेहरू क्यों नहीं? इस तरह, देश के प्रधानमंत्री ने सीधे तौर पर मेरा अपमान किया, लेकिन उनके शब्दों को सदन की कार्यवाही से नहीं हटाया गया।’’

उल्लेखनीय है कि हाल में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में चर्चा के दौरान राहुल के भाषण का एक बड़ा हिस्सा सदन की कार्यवाही से हटा दिया गया था।

अडाणी समूह की कंपनियों पर अमेरिकी शॉर्ट सेलिंग कंपनी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट से जुड़े विषयों को उठाते हुए संसद में हाल में दिये अपने बयान को याद करते हुए राहुल ने यहां कहा कि उन्होंने जो कुछ कहा था, उस बारे में उनसे सबूत देने को कहा गया।

गांधी ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करने के दौरान हाल में संसद में दिए अपने भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने जो कुछ भी कहा उस पर उन्हें सबूत दिखाने के लिए कहा गया, लेकिन प्रधानमंत्री को सच्चाई की ताकत का सामना करना ही होगा।

वायनाड से सांसद ने कहा, ‘‘जब मैं (लोकसभा में) बोल रहा था तो आप बस मेरा चेहरे का भाव देखिए और जब वह बोल रहे थे तो उनका (मोदी) चेहरा देखिए। देखिए कितनी बार उन्होंने पानी पिया और जब वह पानी पी रहे थे तो कैसे उनके हाथ कांप रहे थे, आप सब कुछ समझ जाएंगे।’’

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में चर्चा के दौरान दिए गए अपने भाषण के अंश को हटाने के फैसले की आलोचना करते हुए गांधी ने कहा, ‘‘मैंने संसद की कार्यवाही से हटाई गई मेरी प्रत्येक टिप्पणी के बारे में स्पीकर (लोकसभा अध्यक्ष) को लिखे पत्र में जानकारी दी है तथा सबूत दिये हैं।’’

कांग्रेस नेता ने यहां मीनानगडी में लोगों को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मेरे भाषण के बाद, इसका अधिकांश हिस्सा संपादित कर (सदन की कार्यवाही से) बाहर कर दिया गया और इसे संसद के रिकॉर्ड में नहीं जाने दिया गया।’’

उन्होंने कहा कि संसद के निचले सदन (लोकसभा) में उन्होंने किसी अपशब्द या अशोभनीय का इस्तेमाल नहीं किया था, बल्कि मोदी और अडाणी के बीच संबंध का सिर्फ जिक्र किया था।

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