राहुल और राजन ने कोरोना संकट के समय सामाजिक सद्भाव बरकरार रखने को जरूरी बताया

वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद के दौरान दोनों ने दुनिया के कई हिस्सों में अधिनायकवादी मॉडल एवं व्यक्तिव के उभार को लेकर भी चिंता जताई।

जमात

नयी दिल्ली, 30 अप्रैल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और जानमाने अर्थशास्त्री रघुराम राजन ने देश में सामाजिक सौहार्द को बरकरार रखने की जरूरत पर जोर देते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि कोरोना महामारी जैसे बड़े संकट के समय भारतीय समाज विभाजन और नफरत का जोखिम मोल नहीं ले सकता।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद के दौरान दोनों ने दुनिया के कई हिस्सों में अधिनायकवादी मॉडल एवं व्यक्तिव के उभार को लेकर भी चिंता जताई।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि अगर विभाजन और नफरत होगी तो लोग बंटेंगे। यह भी एक ढांचा है। विभाजन का एक ढांचा और नफरत का भी एक ढांचा है जो बड़ी सस्या पैदा करते हैं।

इस पर रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर राजन ने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर। सामाजिक सद्भाव में ही जनता का हित है। हर किसी को यह विश्वास दिलाना जरूरी है कि वह व्यवस्था का हिस्सा है और उसका बराबर का हिस्सा है। हम अपने घर के बंटे होने का जोखिम मोल नहीं ले सकते। खासतौर पर उस समय जब चुनौती इतनी बड़ी है।’’

राजन ने देश के निर्माताओं, संविधान निर्माताओं और शुरुआती प्रशासकों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्हें अहसास था कि कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिनको अलग रखना है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अगर हम उन मुद्दों में पड़ जाएंगे तो एक दूसरे से लड़ने में ही बहुत समय चला जाएगा।

राहुल गांधी ने कहा कि अब भारत को नए दृष्टिकोण की जरूरत है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि अब दुनिया में एक अधिनायकवादी मॉडल आया है जो उदारवादी मॉडल पर सवाल खड़े करता है। यह काम करने का अलग तरीका है यह विभिन्न स्थानों पर उभर रहा है।

इस पर राजन ने कहा, ‘‘ऐसी दुनिया जहां आप शक्तिहीन हैं वहां एक अधिनायकवादी मॉडल और मजबूत व्यक्तित्व कभी-कभी अपील करता है। खासतौर पर तब जब आपका उस व्यक्तित्व के साथ एक निजी लगाव हो जाता है।’’

रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर के अनुसार समस्या है कि अधिनायकवादी व्यक्तित्व खुद में यह भाव पैदा कर सकता है, ‘‘मैं ही ताकत हूं और जो कहता हूं वहीं होता है, मेरा नियम लागू होता है और कोई जांच-परख नहीं होती है, संस्थान नहीं हैं और कोई विकेंद्रित ढांचा नहीं है तथा सब कुछ मेरे जरिए होता है।’’

गांधी ने कहा कि भारत में गरीब और अमीर के बीच की खाई से उन्हें चिंता होती है और कोरोना संकट के समय रसूखदार वर्ग और गरीबों के साथ व्यवहार में दो अलग अलग विचार सामने आए हैं।

दोनों ने भारत में कोरोना की जांच बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया।

राजन ने कहा कि अमेरिका में रोजाना औसतन 15,0000 जांच हो रही हैं। बहुत सारे विशेषज्ञ कह रहे हैं कि पांच लाख लोगों की जांच करनी चाहिए। भारत में हम रोजाना 20-25 हजार जांच कर रहे हैं। हमें बड़े पैमाने पर जांच करनी होगी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

Share Now

संबंधित खबरें

CCPA Investigation: अमेजन, फ्लिपकार्ट और मीशो समेत कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर सीसीपीए का शिकंजा, बिना रजिस्ट्रेशन बिक रही थी ‘साइक्लोसिनोन हर्बिसाइड’

PBKS vs RCB, IPL 2026 61st Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा पंजाब किंग्स बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

KKR vs GT, IPL 2026 60th Match Scorecard: ईडन गार्डन स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स ने गुजरात टाइटंस के सामने रखा 248 रनों का टारगेट, फिन एलन और अंगकृष रघुवंशी ने खेली धमाकेदार अर्धशतकीय पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

DC vs RR, IPL 2026 62nd Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा दिल्ली कैपिटल्स बनाम राजस्थान रॉयल्स के बीच रोमांचक मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी