जोरहाट(असम), दो दिसंबर असम के जोरहाट स्थित प्रसिद्ध महाविद्यालय में रैगिंग के आरोप में 12 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। जूनियर हॉस्टल में रहने वाले एक छात्र ने रैगिंग करने और मामले को वापस लेने के लिए दवाब बनाने का आरोप लगाया था। एक पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।
अधिकारी ने बताया कि पीड़ित छात्र की लिखित शिकायत के आधार पर जगन्नाथ बरुआ (जेबी) महाविद्यालय के प्रधानचार्य ने बृहस्पतिवार को जोरहाट पुलिस थाने में 12 आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
इससे पहले डिब्रूगढ़ में भी रैगिंग की दो घटनाएं सामने आई थी।
जेबी महाविद्यालय की घटना की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘हमें बृहस्पतिवार को शिकायत मिली थी जिसके बाद आज प्राथमिकी दर्ज की गई।’’उन्होंने बताया कि प्राथमिकी में आठ मौजूदा और एक पूर्व छात्र को नामजद किया गया है जो कथित तौर पर रैगिंग की घटना में संलिप्त थे जबकि अन्य तीन को पूर्व में छात्र द्वारा संस्थान में की गई शिकायत को वापस लेने के लिए कथित दबाव बनाने के लिए नामजद किया गया है।
महाविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित छात्र तीन वर्षीय पाठ्यक्रम के पहले सेमेस्टर का छात्र है और सितंबर के शुरुआत में उसने सैयद अब्दुल मलिक हॉस्टल के अधिकारियों से शिकायत की कि ‘‘ वह छात्रावास में असहज स्थिति का सामना कर रहा है।’’ उन्होंने बताया कि उसके बाद से छात्र ने छात्रावास छोड़ दिया।
उन्होंने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कराने का फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि छात्र ने तीन दिन पहले फिर से अधिकारियों से संपर्क किया।
महाविद्यालय के अधिकारियों ने बताया कि रैगिंग रोधी समिति मामले की जांच कर रही है और सात से 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी।
गौरतलब है कि 26 नवंबर को डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के एम कॉम पाठ्यक्रम के प्रथम सेमेस्टर के छात्र ने रैगिंग से बचने के लिए छात्रावास की दूसरी मंजिल से छलांग लगा दी थी और उसका स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है। डिब्रूगढ़ मामले में चार विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय ने तीन साल के लिए निष्कासित कर दिया है जबकि 18 को निकाल दिया है। पुलिस पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और बाकी की तलाश कर रही है।
वहीं, असम मेडिकल कॉलेज में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में पढ़ाई कर रहे दो डॉक्टरों को कथित तौर पर रैगिंग में संलिप्त होने के आरोप में छह महीने के लिए निलंबित कर दिया है और छात्रावास से निकाल दिया गया है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY