देश की खबरें | गुजरात के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है: मुख्यमंत्री रूपाणी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने रविवार को कहा कि राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है और उनके मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद से पिछले पांच साल में तीन लाख से अधिक छात्रों ने निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में दाखिला लिया है।

गांधीनगर, एक अगस्त गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने रविवार को कहा कि राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो रहा है और उनके मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद से पिछले पांच साल में तीन लाख से अधिक छात्रों ने निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में दाखिला लिया है।

रूपाणी ने मुख्यमंत्री के तौर पर अपने पांच साल पूरे होने के अवसर पर कहा कि वह गुजरात को ‘‘सर्वश्रेष्ठ राज्य’’ बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम को आगे बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आगामी दिनों में ‘‘ज्ञान की अर्थव्यवस्था’’ का बहुत महत्व होगा और उनकी सरकार शिक्षा के आधुनिकीकरण और उसकी गुणवत्ता में सुधार के लिए काम कर रही है। रूपाणी सात अगस्त, 2016 को तत्कालीन मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री बने थे और 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जीत के बाद वह पद पर बने रहे। मुख्यमंत्री के तौर पर पांच साल पूरे होने के अवसर पर रूपाणी ने नौ दिन का कार्यक्रम आरंभ किया और राज्य सरकार ने इन कार्यक्रमों के तहत रविवार को ‘ज्ञानशक्ति दिवस’ मनाया।

रूपाणी ने राज्य के सरकारी स्कूलों की हालत पर गुजरात सरकार की निंदा करने वाली आम आदमी पार्टी (आप) पर स्पष्ट रूप से निशाना साधते हुए यहां एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘विपक्ष के लोग और विज्ञापनों की दुनिया में रहने वाले लोग केवल बातें करते है, लेकिन आपको पिछले पांच साल की वास्तविकता सुननी चाहिए। तीन लाख से अधिक छात्रों ने निजी स्कूल छोड़कर सरकारी स्कूलों में दाखिला लिया। इसका अर्थ है कि हमारे स्कूलों की गुणवत्ता सुधर रही है। हम प्रचार नहीं, ठोस काम कर रहे हैं।’’

‘आप’ ने हाल में दिल्ली में अपनी सरकार की योजनाओं पर गुजरात के समाचार पत्रों में पूरे पृष्ठ के विज्ञापन जारी किए थे, जिसके बाद रूपाणी ने कहा था कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के बजाय उनके प्रचार में अधिक रुचि रखती है।

रूपाणी ने यहां कहा, ‘‘सरकारी स्कूलों में लगभग 16,000 स्मार्ट कक्षाएं हैं। इसके अलावा 30,500 से अधिक सरकारी प्राथमिक, उच्च और माध्यमिक विद्यालयों को इंटरनेट से जोड़ा गया है। हम स्कूलों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी के माध्यम से वैश्विक ज्ञान को गुजरात के दूर-दराज के गांव में ले जाने के प्रबंध कर रहे हैं।’’

रूपाणी ने इस अवसर पर 3,659 स्कूलों में परस्पर संवादात्मक स्मार्ट कक्षाओं का उद्घाटन किया, राज्य की 'ज्ञानकुंज' परियोजना के तहत 15,000 से अधिक स्मार्ट कक्षाएं बनाने की योजना का अनावरण किया और 3,000 स्कूलों में कम्प्यूटर लैब स्थापित करने समेत इस प्रकार की अन्य पहल शुरू की।

रूपाणी ने कहा कि यह गुजरात का सौभाग्य है कि उसे मोदी जैसा नेता मिला और जब उन्हें राज्य की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, तो उन्होंने भी उनके नक्शेकदम पर चलने का फैसला किया। मोदी सात अक्टूबर, 2001 से 22 मई, 2014 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे।

रूपाणी ने कहा कि उनकी सरकार ने नई शिक्षा नीति को लागू करने की दिशा में भी काम करना शुरू कर दिया है।

उन्होंने नौ दिवसीय कार्यक्रम की आलोचना करने को लेकर विपक्ष पर भी निशाना साधा और कहा कि विपक्ष उस स्तर तक गिर गया है कि लोग उसे ‘‘गुजरात विरोधी’’ होने के लिए नापसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के तहत उनकी सरकार लोगों के व्यापक विकास के लिए 15,000 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का अनावरण करेगी।

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