देश की खबरें | ड्राइविंग लाइसेंस घोटाला मामले में पंजाब सतर्कता प्रमुख, दो अन्य अधिकारी निलंबित

चंडीगढ़, 25 अप्रैल पंजाब सरकार ने कथित ड्राइविंग लाइसेंस घोटाले के सिलसिले में शुक्रवार को राज्य सतर्कता ब्यूरो के प्रमुख एस पी एस परमार और दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया।

सरकार ने सतर्कता ब्यूरो, एसएएस नगर के सहायक महानिरीक्षक स्वर्णदीप सिंह और सतर्कता ब्यूरो, जालंधर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरप्रीत सिंह को भी निलंबित कर दिया है।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एनआरआई) प्रवीण कुमार सिन्हा सतर्कता ब्यूरो के मुख्य निदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।

एक आदेश के अनुसार परमार को अखिल भारतीय सेवा (अनुशासन और अपील) नियम, 1969 के नियम 3 (3) के तहत ‘‘ घोर कदाचार और कर्तव्य की उपेक्षा’’ के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

सरकार ने कथित घोटाले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने के आरोप में अधिकारियों को निलंबित कर दिया।

इस महीने की शुरुआत में, सतर्कता ब्यूरो ने राज्य भर में क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) कार्यालयों और ड्राइविंग टेस्ट केंद्रों का औचक निरीक्षण किया था, जिसके बाद रिश्वतखोरी और कदाचार में कथित रूप से शामिल कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

इस अभियान में आरटीए अधिकारियों और एजेंटों को निशाना बनाया गया जो बिचौलियों के रूप में काम कर रहे थे तथा ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने या ड्राइविंग टेस्ट के परिणामों में हेरफेर करने के लिए अवैध शुल्क वसूल रहे थे।

आईपीएस अधिकारी परमार को 26 मार्च को जी नागेश्वर राव के स्थान पर पंजाब सतर्कता प्रमुख नियुक्त किया गया था। वह 1997 बैच के अधिकारी हैं।

इससे पहले, परमार अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) के पद पर कार्यरत थे।

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