चंडीगढ़, 30 मई पंजाब के मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा ने ‘निशुल्क बिजली’ के मुद्दे पर शनिवार को शिरोमणि अकाली दल पर पलटवार किया और उसे केंद्र में अपनी सहयोगी भाजपा से प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण योजना के जरिए किसानों को नकदी भेजने की शर्त थोपने पर सवाल पूछने को कहा ।
विपक्षी शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) ने आरोप लगाया है कि राज्य में कांग्रस नेतृत्व वाली सरकार योजना को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) में बदलने के ‘नाम’ पर किसानों से निशुल्क बिजली वापस लेने जा रही है।
हालांकि, सरकार ने कहा है कि वह किसानों को निशुल्क बिजली मुहैया कराती रहेगी ।
मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को ट्वीट किया, ‘‘अपने किसानों को हम फिर से आश्वस्त करना चाहेंगे कि पंजाब में कृषि के लिए निशुल्क बिजली वापस लेने की कोई योजना नहीं है। मैं आपकी आर्थिक स्थिति से वाकिफ हूं और देश के लिए फसल उगाने के वास्ते आपकी मेहनत की प्रशंसा करता हूं । मुफ्त बिजली जारी रहेगी । ’’
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राज्य ने 27 मई को एक विज्ञप्ति में कहा था कि वह मुफ्त बिजली के बदले में डीबीटी के जरिए किसानों को नकदी हस्तांतरण सुनिश्चित करने के लिए वित्त वर्ष 2021-22 के लिए एक योजना लाएगी ।
मीडिया से बात करते हुए बाजवा ने कहा कि केंद्र ने राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 0.15 प्रतिशत अतिरिक्त उधार लेने का हकदार बनने के लिए राज्य को मुफ्त बिजली के एवज में सभी किसानों के लिए डीबीटी शुरू करने की शर्त रखी है ।
बाजवा ने कहा, ‘‘मैं सुखबीर (बादल), (विक्रम सिंह) मजीठिया और हरसिमरत (कौर बादल) से पूछना चाहता हूं क्या उन्होंने शर्तें पढी है। आप केंद्र में उनके (भाजपा) सहयोगी हैं। ’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह सब जानकर भी वे (शिरोमणि अकाली दल) हम पर दोष मढ़ रहे हैं जबकि सारी गड़बड़ी मोदी सरकार की है।’’
मंत्री ने दोहराया कि केंद्र ने एक शर्त लगायी है कि अगर किसानों पर बिजली के लिए शुल्क लगाया जाता है तो राज्य सरकार अतिरिक्त उधार ले सकेगी ।
बाजवा ने कहा, ‘‘हमने फैसला किया है कि हम बिजली के लिए किसानों पर कोई शुल्क नहीं लगाएंगे ।’’
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