देश की खबरें | पंजाब सरकार ने पीएयू के वीसी की नियुक्ति को ‘पूरी तरह से अवैध’ बताया, कृषि मंत्री ने किया पलटवार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान से सतबीर सिंह गोसल को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के कुलपति (वीसी) पद से हटाने की मांग की।

चंडीगढ़, 18 अक्टूबर पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने मंगलवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान से सतबीर सिंह गोसल को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के कुलपति (वीसी) पद से हटाने की मांग की।

पुरोहित ने गोसल की नियुक्ति को ‘पूरी तरह से अवैध’ करार दिया। इस घटनाक्रम को पंजाब में राजभवन और आम आदमी पार्टी (आप) नीत सरकार के बीच विवाद का नया बिंदु माना जा रहा है।

पुरोहित के पत्र की आलोचना करते हुए राज्य के कृषि मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि राज्यपाल को गुजरात और हिमाचल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर ‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का पत्र’ भेजने के लिए पंजाब के लोगों से माफी मांगनी चाहिए।

धालीवाल ने दावा किया कि गोसल को लुधियाना स्थित पीएयू का कुलपति नियुक्त करने में उचित प्रक्रिया का पालन किया गया था। उन्होंने राज्यपाल को यह याद दिलाने की कोशिश की कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मानदंड कृषि विश्वविद्यालय पर लागू नहीं होते हैं।

धालीवाल ने स्पष्ट किया कि गोसल पीएयू के कुलपति पद पर बने रहेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब की ‘आप’ सरकार राज्यपाल के ‘गैरजरूरी हस्तक्षेप’ को बर्दाश्त नहीं करेगी।

राज्यपाल जहां पीएयू के कुलाधिपति हैं, वहीं गोसल, जो एक प्रसिद्ध कृषि विशेषज्ञ हैं, उन्हें अगस्त में संस्थान के कुलपति के रूप में नियुक्त किया गया था।

मंगलवार को मुख्यमंत्री मान को भेजे एक पत्र में पुरोहित ने कहा था कि उनके संज्ञान में लाया गया है कि सरकार ने यूजीसी के मानदंडों का पालन किए बिना और कुलाधिपति की स्वीकृति लिए बिना गोसल को पीएयू का कुलपति नियुक्त किया है।

उन्होंने लिखा था, “पंजाब सरकार का यह कृत्य पूरी तरह से अवैध है और इसे किसी भी तर्क के जरिये स्वीकार नहीं किया जा सकता है।”

पुरोहित ने कहा था, “चूंकि, सतबीर सिंह गोसल को पंजाब सरकार द्वारा पीएयू का कुलपति नियुक्त किया गया है, इसलिए आपसे अनुरोध है कि बिना किसी देरी के उक्त कुलपति को, जिसे अवैध रूप से नियुक्त किया गया है, हटा दिया जाए।”

राज्यपाल ने सुझाव दिया था कि नए कुलपति की नियुक्ति तक कुलपति का प्रभार कृषि विभाग के प्रशासनिक सचिव को सौंपा जा सकता है।

उन्होंने लिखा था, “आपसे यह भी अनुरोध है कि आप अपने संबंधित विभाग को कुलाधिपति के परामर्श से नए कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दें।”

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