देश की खबरें | पंजाब फौजा चालक तीसरीलीड गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा गया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दुनिया के सबसे उम्रदराज मैराथन धावक 114 वर्षीय फौजा सिंह को अपनी कार से टक्कर मारने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है जो तीन हफ्ते पहले ही कनाडा से पंजाब में अपने पैतृक गांव लौटा था और एक अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

चंडीगढ़, 16 जुलाई दुनिया के सबसे उम्रदराज मैराथन धावक 114 वर्षीय फौजा सिंह को अपनी कार से टक्कर मारने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है जो तीन हफ्ते पहले ही कनाडा से पंजाब में अपने पैतृक गांव लौटा था और एक अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

जालंधर ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) हरविंदर सिंह ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि अमृतपाल सिंह ढिल्लों (26) को मंगलवार रात गिरफ्तार किया गया और उसकी गाड़ी भी जब्त कर ली गई है।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने इस मामले को एक चुनौती के रूप में लिया और 30 घंटे के भीतर इसे सुलझा लिया।

बाद में ढिल्लों को जालंधर की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो सप्ताह की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

अधिकारी ने बताया कि करतारपुर निवासी ढिल्लों पर्यटक वीजा पर कनाडा गया था लेकिन वहां उसे वर्क परमिट मिल गया था जो 2027 तक वैध है। उन्होंने बताया कि आरोपी पिछले महीने के अंत में भारत लौटा था।

ढिल्लों को करतारपुर स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया।

एक सवाल के जवाब में एसएसपी ने संवाददाताओं को बताया कि ढिल्लों को कोई काम था और इसीलिए वह जल्दबाजी में स्पोर्ट यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) कार चला रहा था और कार ने फौजा सिंह को टक्कर मार दी।

सिंह ने कहा, ‘‘ उस समय उन्हें कार से टकराए व्यक्ति की पहचान के बारे में पता नहीं था। टक्कर मारने के बाद वह घबरा गया था और इसीलिए उसने अपनी कार नहीं रोकी।’’

पुलिस अधिकारी ने संवाददाताओं को बताया कि ढिल्लों जालंधर जा रहा था, लेकिन दुर्घटना के बाद वह गांवों के रास्ते घर लौट आया।

आरोपी ने पुलिस को यह भी बताया कि घटना वाले दिन उसने कार का एक टायर बदलवाया था।

सिंह के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि जब उसने सड़क पार कर रहे फौजा सिंह को टक्कर मारी, उस समय उसकी गाड़ी की रफ्तार काफी तेज थी।

एसएसपी ने हालांकि कहा कि दुर्घटना के बाद ढिल्लों की यह जिम्मेदारी थी कि वह अपना वाहन रोककर फौजा सिंह को अस्पताल ले जाता।

फौजा सिंह (114) जालंधर स्थित अपने पैतृक गांव ब्यास में जालंधर-पठानकोट राजमार्ग पर सोमवार दोपहर बाद टहलने निकले थे, तभी ढिल्लों के वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी।

ग्रामीणों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि फौजा सिंह पांच से सात फुट तक हवा में उछल गए। हादसे में उनको गंभीर चोटें आईं और घटना वाले दिन सोमवार शाम को ही उनकी मौत हो गई।

फौजा सिंह के बेटे हरविंदर सिंह ने बुधवार को जालंधर में संवाददाताओं से कहा कि ढिल्लों अपनी गाड़ी रोककर मैराथन धावक को तुरंत अस्पताल पहुंचा सकता था।

उन्होंने कहा, ‘‘शायद इससे उनकी (फौजा सिंह) जान बच जाती। अगर वह भागा नहीं होता तो हम उसके (गलती करने वाले चालक) खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करते।’’

एक अन्य सवाल के जवाब में एसएसपी ने कहा कि आरोपी के खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘ चूंकि भारतीय कारें बाईं ओर से चलती हैं जबकि कनाडा में दाईं ओर से इसलिए यह संभव है कि वह यहां वाहन ठीक से नहीं चला पाया हो।’’

उन्होंने बताया कि दुर्घटना के समय आरोपी गाड़ी में अकेला था।

एसएसपी ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘ढिल्लों वर्क परमिट पर कनाडा में रहता है और वहीं काम करता है। उसकी तीन बहनें और मां कनाडा में हैं।’’

सिंह ने मंगलवार को ‘पीटीआई-’ से फोन पर कहा था, ‘‘हमने सीसीटीवी फुटेज से वाहन की पहचान कर ली है। यह पंजाब में पंजीकृत ‘टोयोटा फॉर्च्यूनर’ है। दुर्घटनास्थल से हमें गाड़ी की हेडलाइट के कुछ टुकड़े मिले थे। इसके बाद हमने वाहन का पता लगाया।’’

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