देश की खबरें | पंजाब : कांग्रेस ने पूर्व मंत्री धर्मसोत की गिरफ्तारी को ‘बदले की राजनीति’ बताया
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चंडीगढ़, सात जून पंजाब के सतर्कता ब्यूरो ने मंगलवार तड़के राज्य के पूर्व वन मंत्री एवं कांग्रेस नेता साधु सिंह धर्मसोत को दो अन्य लोगों के साथ भ्रष्टाचार के आरोप में गिरफ्तार किया। आधिकारियों ने यह जानकारी दी।
कांग्रेस के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार में समाज कल्याण और वन मंत्री रहे धर्मसोत को अमलोह से गिरफ्तार किया गया। चरणजीत सिंह चन्नी के नेतृत्व वाली पिछली सरकार में वन मंत्री रहे संगत सिंह गिलजियान को भी प्राथमिकी में नामजद किया गया है। पिछले साल सितंबर में कांग्रेस द्वारा अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री के पद से हटाये जाने के बाद चन्नी मुख्यमंत्री बने थे।
धर्मसोत ने उनके विरूद्ध लगाये गये भ्रष्टाचार के आरोपों से यह कहते हुए इनकार किया कि उन्हें फंसाया जा रहा है। बाद में मोहाली की एक अदालत ने उन्हें तीन दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया।
प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वॉरिंग ने गिरफ्तारी को ‘‘बदले की भावना की राजनीति’’ करार दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से कहा कि वह कानून को अपना काम करने दें और ‘‘कंगारू अदालत न्याय प्रणाली’’ न अपनाएं।
वारिंग, प्रताप सिंह बाजवा, तृप्त राजेंद्र सिंह बाजवा के नेतृत्व में कई कांग्रेस नेता मंगलवर शाम को मोहाली सतर्कता कार्यालय पहुंचे।
धर्मसोत की गिरफ्तारी कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पंजाब दौरे से कुछ घंटे पहले हुई है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए मंगलवार को मानसा में उनके घर गये।
कुछ दिन पहले ही भ्रष्टाचार के एक मामले में जिला वन अधिकारी (डीएफओ) गुरमनप्रीत सिंह और एक ठेकेदार हरमिंदर सिंह हम्मी की गिरफ्तारी हुई थी। अधिकारियों के अनुसार इन दोनों ने धर्मसोत के मंत्री रहने के दौरान वन विभाग में कथित गलत कामों का ब्योरा मुहैया कराया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से ही नेताओं, उनके सहयोगियों तथा वन विभाग के अधिकारियों के बीच ‘‘संगठित भ्रष्टाचार की गहरी जड़े वाली साठगांठ’ रही है । इस मामले में कुछ अन्य व्यक्तियों पर भी मामला दर्ज किया गया है।
पंजाब में सतर्कता ब्यूरो के मुख्य निदेशक वरिंदर कुमार ने कहा कि डीएफओ और ठेकेदार से पूछताछ के दौरान पता चला कि पूर्व मंत्री कथित रूप से भ्रष्टाचार में लिप्त थे।
कुमार ने आरोप लगाया कि जांच में खुलासा हुआ है कि धर्मसोत को हर पेड़ को काटने के लिए 500 रुपये दिए जाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौरान धर्मसोत को कमीशन के तौर पर करीब 1.25 करोड़ रुपये हासिल हुए।
कुमार ने यह भी दावा किया कि पूर्व मंत्री अपने विभाग के अधिकारियों के तबादलों और तैनाती के अलावा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए भी कथित तौर पर पैसे लेते थे। उनके सहयोगी कथित तौर पर उनकी ओर से पैसे वसूलते थे।
कुमार ने कहा कि इन आरोपों के आधार पर मामला दर्ज कर पूर्व मंत्री को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा कमलजीत सिंह और चमकौर सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है, जो धर्मसोत की ओर से पैसे लेते थे।
ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि हम्मी ने अपने बयान में कहा कि वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, नेताओं एवं उनके व्यक्तियों को 2017 के बाद से समय समय पर दी गयी रिश्वत के बारे में उसके पास एक हस्तलिखित डायरी है। उसके घर से यह डायरी मिली है।
हम्मी ‘खेर’ के पेड़ों की कटाई एवं बिक्री के धंधे में था और उसे इसके लिए वन विभाग ने अनिवार्य अनुमति लेनी होती थी।
कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वॉरिंग ने ट्वीट किया, ‘‘मान साहब, जैसा कि उम्मीद थी, आप साधु सिंह धर्मसोत को गिरफ्तार करके पंजाब में अराजकता, बेरोजगारी और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल तथा अन्य लोंगों के दखल जैसे मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कानून को अपना काम करने दें। कृपया इसे ‘कंगारू अदालत न्याय प्रणाली’ न बनाएं। राजनीतिक प्रतिशोध का उलटा असर होगा।’’
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अप्रैल में धर्मसोत के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी थी। पंजाब में अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान तत्कालीन अतिरिक्त मुख्य सचिव की एक रिपोर्ट के बाद 2020 में कथित छात्रवृत्ति घोटाले में भी धर्मसोत का नाम सामने आया था। हालांकि, उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों की तीन सदस्यीय समिति ने क्लीन चिट दे दी थी।
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