पंजाब मंत्रिमंडल ने आबकारी नीति में बदलाव के लिये मुख्यमंत्री को अधिकृत किया
बयान में कहा गया कि बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री इस बात पर सहमत हुए कि सीएम को शराब लाइसेंसधारियों की चिंताओं को दूर करने के लिये जो भी कदम सही लगे, वे उठा सकते हैं।
चंडीगढ़, 11 मई पंजाब मंत्रिमंडल ने कोरोना वायरस महामारी तथा इसकी रोकथाम के लिये लंबे समय से लागू लॉकडाउन के मद्देनजर राज्य की आबकारी नीति में संशोधन के फैसले लेने के लिये सोमवार को मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को अधिकृत किया। एक आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी गयी।
बयान में कहा गया कि बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री इस बात पर सहमत हुए कि सीएम को शराब लाइसेंसधारियों की चिंताओं को दूर करने के लिये जो भी कदम सही लगे, वे उठा सकते हैं।
बैठक में शराब की होम डिलिवरी के मुद्दे पर भी चर्चा की गयी। हालांकि कुछ मंत्रियों द्वारा होम डिलिवरी की अनुमति पर आपत्ति उठाने के कारण अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया।
बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री एक दो दिनों में इस मुद्दे पर फैसला कर सकते हैं।
शराब की दुकानों के मालिक लाइसेंस शुल्क में छूट की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा उनकी मांग की है कि निर्धारित कोटा प्रणाली के बजाय वास्तविक शराब की बिक्री के आधार पर शुल्क का संग्रह किया जाये। उनका कहना है कि वे लॉकडाउन से बुरी तरह प्रभावित हैं।
आबकारी और कराधान विभाग ने कर्फ्यू में ढील की अवधि के दौरान शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति दी है। विभाग ने शराब की दुकानों को होम डिलिवरी की अनुमति भी दी है।
हालांकि पंजाब आबकारी अधिनियम और आबकारी नियमों में शराब की होम डिलिवरी का कोई प्रावधान नहीं है, लेकिन महामारी के मद्देनजर सामाजिक दूरी सुनिश्चित करने के लिये यह निर्णय लिया गया।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 11, 2020 11:07 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

