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देश की खबरें | पंजाब मंत्रिमंडल ने 14,000 से अधिक शिक्षकों की सेवाओं को नियमित करने को मंजूरी दी

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देश की खबरें | पंजाब मंत्रिमंडल ने 14,000 से अधिक शिक्षकों की सेवाओं को नियमित करने को मंजूरी दी

मानसा (पंजाब), 10 जून पंजाब मंत्रिमंडल ने शनिवार को राज्य में 14,000 से अधिक संविदा शिक्षकों की सेवाएं नियमित करने को मंजूरी दे दी।

मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में यहां मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में फैसला लिया गया। मान ने कहा कि नियमित किए जाने वाले कुल 14,239 संविदा/अस्थायी शिक्षकों में से 7,902 ने सेवा में 10 और अधिक वर्ष पूरे कर लिए हैं।

उन्होंने कहा कि शेष 6,337 शिक्षक ऐसे हैं जिनकी नियमित सेवा में ‘‘अपरिहार्य परिस्थितियों’’ के कारण अंतराल है।

मान ने कहा, ‘‘अंतराल के कारण, ये शिक्षक 10 साल की सेवा पूरी नहीं कर सके। हमने तय किया कि अंतराल की भी गणना की जाएगी और इसके साथ ही इन 6,337 शिक्षकों को भी नियमित किया जाएगा।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि नियमित शिक्षकों को राज्य सरकार की नीति के अनुसार वेतन, भत्ते और छुट्टियां मिलेंगी।

एक अन्य फैसले में मंत्रिमंडल ने लोगों को ठगने वाली चिटफंड कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रस्ताव दिया। मान ने ‘पर्ल ग्रुप’ का उदाहरण दिया, जिसने पंजाब सहित देश के विभिन्न हिस्सों में अवैध रूप से विभिन्न निवेश योजनाओं को संचालित करके कई लोगों को धोखा दिया था।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसी कई चिटफंड कंपनियां हैं, जो लोगों को ठगती हैं और इसके लिए हम कानून में संशोधन लाकर 10 साल तक की सजा का प्रावधान करेंगे।’’

एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि फर्जी वित्तीय संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई के लिए, मंत्रिमंडल ने ‘‘पंजाब बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम रूल्स 2023’’ को मंजूरी दी।

बयान में कहा गया है कि इसके तहत संस्थानों के प्रवर्तक, भागीदार, निदेशक, प्रबंधक, सदस्य, कर्मचारी या किसी भी अन्य व्यक्ति को इस तरह के वित्तीय गलत कामों के लिए उत्तरदायी बनाया जाएगा।

मंत्रिमंडल ने राज्य की जेलों से समय से पहले रिहाई का अनुरोध करने वाले उम्रकैद प्राप्त चार दोषियों के मामले को राज्यपाल के पास भेजने के लिए भी सहमति दे दी।

मंत्रिमंडल ने 2021-22 से 2025-26 की अवधि के लिए छठे पंजाब वित्त आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करने को भी मंजूरी दे दी, जिसमें स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थानों को राज्य के शुद्ध कर राजस्व का 3.5 प्रतिशत हिस्सा देना शामिल है।

मंत्रिमंडल ने पंजाब सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन लिमिटेड (पनसप) और पंजाब एग्रो फूड ग्रेन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएएफसी) को पंजाब स्टेट ग्रेन प्रोक्योरमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (पनग्रेन) के साथ विलय करने को भी मंजूरी दे दी है ताकि इसकी दक्षता बढ़ाई जा सके और खाद्यान्न की खरीद को और सुगम बनाया जा सके।

पनग्रेन खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग की एक एजेंसी है, जो राज्य में केंद्रीय स्टॉक के लिए गेहूं और धान की खरीद करती है।

मंत्रिमंडल ने राज्य में आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए नीति बनाने को भी मंजूरी दी।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jun 10, 2023 09:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).