देश की खबरें | पंजाब विधानसभा ने प्रस्ताव पारित कर खैरा के परिसर पर ईडी के छापे की निंदा की

चंडीगढ़, दस मार्च पंजाब विधानसभा ने बुधवार को एक प्रस्ताव पारित कर आम आदमी पार्टी के बागी विधायक सुखपाल सिंह खैरा के परिसर पर ईडी के छापों की निंदा की।

संसदीय कार्य मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने बजट सत्र के दौरान यह प्रस्ताव रखा। मोहिंद्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की अनुमति से यह प्रस्ताव लाया गया।

मोहिंद्रा ने कहा, ‘‘यह सदन सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्थापित सीबीआई, ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों की हाल के दिनों में निभायी गयी भूमिका पर चिंता प्रकट करता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्य से ऐसे मौके आए हैं जब इन एजेंसियों का इस्तेमाल किसानों, कलाकारों, निर्वाचित प्रतिनिधियों, कुछ सरकारी कर्मचारियों समेत बेकसूर लोगों को परेशान करने के लिए किया गया है।’’

विधानसभा अध्यक्ष राणा के पी सिंह ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करने की घोषणा की। प्रस्ताव पर मतदान के समय सदन में भाजपा के दो विधायक मौजूद नहीं थे।

इससे पहले, पंजाब विधानसभा के कई सदस्यों ने आम आदमी पार्टी के बागी विधायक सुखपाल सिंह खैरा के परिसर पर ईडी के छापों की निंदा की।

बजट सत्र के दौरान सदन में उपस्थित खैरा ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय के छापे उनके खिलाफ केंद्र सरकार द्वारा ‘‘सुनियोजित बदले की कार्रवाई और चरित्र हनन’’ का प्रयास हैं और उन्होंने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इंकार किया।

ईडी ने 2015 के फाजिल्का मादक पदार्थ तस्करी मामले और एक फर्जी पासपोर्ट गिरोह से जुड़े धनशोधन के मामले में खैरा के परिसर, दिल्ली में उनके परिवार के सदस्यों और कुछ सजायाफ्ता कैदियों के परिसरों पर छापेमारी की।

शून्य काल के दौरान ईडी की छापेमारी का मुद्दा उठाते हुए आप के एक अन्य बागी विधायक कंवर संधू ने इस मामले में सदन में प्रस्ताव लाए जाने की मांग की।

उन्होंने कहा कि खैरा के खिलाफ ईडी की कार्रवाई पर सदन ‘‘असंतोष’’ जाहिर कर सकता है। संधू ने कहा कि खैरा के साथ जो हुआ है वह सदन के किसी भी सदस्य के साथ हो सकता है।

कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने संधू का समर्थन किया और इस मुद्दे पर भाजपा नीत केंद्र सरकार की आलोचना की।

खैरा के खिलाफ ईडी की छापेमारी की निंदा करते हुए उन्होंने पूछा, ‘‘क्या हमें केंद्र से सवाल करने की अनुमति है अथवा नहीं? क्या हम मुक्त समाज हैं या भयभीत समाज हैं?’’

मोहिंद्रा ने खैरा के खिलाफ ईडी की कार्रवाई को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण, और अति निंदनीय’’ करार दिया।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि खैरा को सदन के बजट सत्र में हिस्सा लेने से ‘‘रोक दिया गया’’ जो ‘‘गलत’’ है।

कोई भी गलत काम करने से इंकार करते हुए खैरा ने सदन को सूचित किया कि ईडी के अधिकारी उनके आवास से कुछ डायरी ले गए हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा भले ही इस तरह के छापों से उन्हें ‘‘धमकाने एवं उनकी आवाज दबाने’’ का प्रयास करे लेकिन वह अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)