देश की खबरें | किशोर पर वयस्क के रूप में मुकदमा चलाने की अनुमति के लिए न्यायालय जाएगी पुणे पुलिस

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. पुलिस ने सोमवार को कहा कि वह एक 17 वर्षीय किशोर के खिलाफ वयस्क के रूप में मुकदमा चलाने के लिए उच्च न्यायालय से अनुमति लेंगे जिसकी कार ने कल्याणी नगर इलाके में दो लोगों को कथित रूप से टक्कर मार दी थी और जिसके चलते उनकी मौत हो गयी थी।

पुणे, 20 मई पुलिस ने सोमवार को कहा कि वह एक 17 वर्षीय किशोर के खिलाफ वयस्क के रूप में मुकदमा चलाने के लिए उच्च न्यायालय से अनुमति लेंगे जिसकी कार ने कल्याणी नगर इलाके में दो लोगों को कथित रूप से टक्कर मार दी थी और जिसके चलते उनकी मौत हो गयी थी।

दुर्घटना रविवार की सुबह हुई। किशोर न्याय बोर्ड द्वारा उसी दिन किशोर को सड़क दुर्घटनाओं पर एक निबंध लिखने के लिए कहते हुए जमानत देने के फैसले की आलोचना हुई थी।

पुलिस ने सोमवार को दावा किया कि एक रियल एस्टेट डेवलपर का बेटा दुर्घटना के समय नशे में था। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) और मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

पार्टी करने के बाद कुछ दोस्त रविवार की सुबह करीब 3.15 बजे मोटरसाइकिल पर लौट रहे थे तभी कल्याणी नगर जंक्शन पर एक तेज रफ्तार लग्जरी कार ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। मोटरसाइकिल पर सवार दोनों युवक जिनका नाम अनीस अवधिया और अश्विनी कोस्टा था, उनकी चोट लगने के कारण मृत्यु हो गई।

कार चला रहे किशोर को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया और बोर्ड ने उसे जमानत दे दी। बोर्ड ने किशोर को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय का दौरा करने और सभी नियमों और विनियमों का अध्ययन करने और 15 दिनों के भीतर बोर्ड को एक निबंध प्रस्तुति प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया। आदेश में कहा गया है कि किशोर सड़क दुर्घटनाओं और उनके समाधान के विषय पर 300 शब्दों का एक निबंध लिखेगा।

बोर्ड ने किशोर को 15 दिनों के लिए आरटीओ अधिकारियों की सहायता करने और एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया। बोर्ड ने यह भी कहा कि उसे शराब की लत से मुक्ति के लिए नशा मुक्ति केंद्र में भेजा जाना चाहिए।

पुणे के पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने कहा, '' रविवार को ही हमने अदालत (बोर्ड) के समक्ष एक आवेदन दायर किया था जिसमें किशोर पर वयस्क के रूप में मुकदमा चलाने और उसे ऑब्जर्वेशन होम में भेजने की अनुमति मांगी गई थी क्योंकि अपराध जघन्य है, लेकिन याचिका को खारिज कर दिया गया था। हम अब उसी याचिका के साथ सत्र अदालत का दरवाजा खटखटाने जा रहे हैं।''

उन्होंने कहा कि उसकी रक्त जांच रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक जांच से पता चला है कि दुर्घटना के समय किशोर नशे में था।

आयुक्त कुमार ने कहा कि बार के सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट रूप से पता चलता है कि किशोर शराब पी रहा था। इसमें कोई संदेह नहीं है कि किशोर शराब पीने के बाद कार चला रहा था। हम इन सभी तथ्यों को अदालत में पेश करेंगे।

उन्होंने कहा, हमने उसके पिता के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत और एक कम उम्र के व्यक्ति को शराब परोसने के लिए बार प्रतिष्ठान के मालिकों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। हमने इन मामलों की जांच अपराध शाखा को स्थानांतरित कर दी उन्होंने कहा, मामले को एसीपी स्तर के अधिकारी को स्थानांतरित कर दिया गया है। हम इस मामले में एक विशेष वकील नियुक्त करेंगे।

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