देश की खबरें | पुणे के व्यक्ति ने पूरे देश की यात्रा कर प्राकृतिक सौंदर्य,सांस्कृतिक विविधता को दस्तावेजी रूप दिया

पुणे (महाराष्ट्र), 24 जून पुणे के एक वन्यजीव प्रेमी ने करीब डेढ़ साल की अपनी एकल यात्रा के दौरान देश के 104 राष्ट्रीय उद्यानों, 54 बाघ अभयारण्यों, 32 हाथी अभयारण्यों तथा 40 से अधिक विश्व धरोहर स्थलों समेत कई स्थानों की यात्रा की।

तहजून कर्मालवाला (40) की इस उल्लेखनीय यात्रा का मकसद न केवल अपने जुनून को पूरा करना था, बल्कि देश के प्राकृतिक सौंदर्य, उसकी विविध वनस्पतियों एवं जीव-जंतुओं को दस्तावेजी रूप देना और उन्हें दुनिया के समक्ष प्रदर्शित करना है।

रियल एस्टेट कारोबारी कर्मालवाला अपनी स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) से अक्टूबर, 2021 में इस सफर की शुरूआत की थी और उन्होंने भारत के प्राकृतिक सौंदर्य को निहारते हुए 63,000 किलोमीटर की दूरी तय की।

उन्होंने कहा,‘‘मैंने 19 अक्टूबर, 2021 को अपनी यात्रा शुरू की थी और राजस्थान के मरुस्थल से लेकर पूर्वोत्तर की हरी-भरी वादियों, हिमालय की चोटियों से लेकर गहरे समुद्र तक तथा पारिस्थितिकी रूप से संवेदनशील पश्चिमी एवं पूर्वी घाट, विस्तृत मध्य पठार से लेकर अंडमान निकोबार द्वीप समूह तक का सफर किया।’’

उन्होंने कहा,‘‘डेढ़ साल की यह यात्रा इस साल 30 अप्रैल को पूरी हुई, जिस दौरान मैं 104 राष्ट्रीय उद्यानों, 54 बाघ अभयारण्यों, 32 हाथी अभयारण्यों, 17 जैवमंडल आरक्षित क्षेत्रों और 40 से अधिक विश्व धरोहर स्थलों पर गया।’’

उन्होंने लद्दाख के हेमिस राष्ट्रीय उद्यान, अंडमान में सैडल पीक नेशनल पार्क और मरीन नेशनल पार्क, राजस्थान में मरू राष्ट्रीय उद्यान, गुजरात में गिर राष्ट्रीय उद्यान, पूर्वोत्तर के नामादफा राष्ट्रीय उद्यान की यात्रा की।

कर्मालवाला ने कहा कि उनमें भारत के वन्यजीवों एवं पारिस्थितिकी के प्रति आकर्षण 2014 में केरल यात्रा के दौरान उत्पन्न हुआ, जब वह पक्षियों की कई प्रजातियों देखकर मंत्रमुग्ध हो गये थे।

उन्होंने कहा, ‘‘उसी क्षण से देश की जैवविविधता के प्रति मेरा प्रेम बढ़ने लगा और काम से छुट्टी मिलने पर मैं यात्राओं पर जाने लगा। इन अनुभवों ने न केवल मुझे सुकून दिया, बल्कि भारत के सौंदर्य के प्रति मेरे अंदर एक जुनून भी पैदा कर दिया।’’

कोविड-19 महामारी के चलते लगाये गये लॉकडाउन के दौरान कर्मालवाला ने देश के प्राकृतिक सौंदर्य को देखने की योजना बनाई।

उन्होंने कहा, ‘‘ प्राकृतिक सौंदर्य और धरोहर के अलावा मैंने भारत की सांस्कृतिक विविधता को देखा, मैं विभिन्न समुदायों की विविध परंपराओं और रीति-रिवाजों को नजदीक से जाना-समझा। इस समग्र अन्वेषण ने मेरे अंदर देश की समृद्ध धरोहर की एक व्यापक समझ पैदा करने में मेरी मदद की, जिसे मैं वीडियो वेबसीरीज और फोटोबुक के माध्यम से दुनिया के समक्ष रखना चाहता हूं, जो मेरी यात्रा का एक पूर्ण विवरण होगा।’’

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