देश की खबरें | पुणे बस बलात्कार मामला: कांग्रेस राकांपा (शरद चंद्र पवार) की शक्ति विधेयक क्रियान्वित करने की मांग

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) ने पुणे में एक बस के अंदर एक महिला के साथ बलात्कार की घटना पर शुक्रवार को चिंता जतायी और मांग की कि महाराष्ट्र सरकार शक्ति विधेयक को लागू करे जिसमें बच्चों और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के लिए मौत की सजा का प्रावधान है।

मुंबई, 28 फरवरी कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) ने पुणे में एक बस के अंदर एक महिला के साथ बलात्कार की घटना पर शुक्रवार को चिंता जतायी और मांग की कि महाराष्ट्र सरकार शक्ति विधेयक को लागू करे जिसमें बच्चों और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के लिए मौत की सजा का प्रावधान है।

महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री एवं राकांपा (शरद चंद्र पवार) नेता अनिल देशमुख ने पत्रकारों से कहा कि शक्ति विधेयक चार साल पहले महा विकास आघाडी सरकार द्वारा पेश और पारित किया गया था और यह अभी भी केंद्र सरकार से मंजूरी के लिए लंबित है। उन्होंने कहा कि इसमें महिलाओं के खिलाफ अपराधों के लिए सख्त सजा का प्रावधान है।

उन्होंने कहा, ‘‘इस पर कोई अद्यतन जानकारी नहीं आयी है। पुणे बस बलात्कार मामले ने एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी है। महाराष्ट्र के मौजूदा कानूनों में ऐसे मामलों में मृत्युदंड का कोई प्रावधान नहीं है। जब मैं गृहमंत्री था, तो महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों को रोकने के लिए कानून का अध्ययन करने मैं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आंध्र प्रदेश गया था।’’

उन्होंने कहा कि शक्ति विधेयक तैयार करके राज्य विधानमंडल में पारित किया गया था, तथा इसके पारित होने से पहले प्रावधानों की जांच करने के लिए सभी दलों के सदस्य विधानमंडल की स्थायी समिति का हिस्सा थे।

जब महा विकास आघाडी (एमवीए) सत्ता में था, तब महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों ने शक्ति आपराधिक कानून (महाराष्ट्र संशोधन) विधेयक, 2020 और महाराष्ट्र शक्ति आपराधिक कानून के क्रियान्वयन के लिए विशेष अदालत और मशीनरी, 2020 पारित किया था।

देशमुख ने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 1,500 मामले सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास कई विभाग हैं और वह गृह विभाग के साथ न्याय नहीं कर पा रहे हैं और राज्य को एक स्वतंत्र गृह मंत्री की जरूरत है।

कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि शक्ति विधेयक को लागू न करना महायुति सरकार की विफलता है।

उन्होंने नागपुर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘अधिनियम को राष्ट्रपति की मंजूरी नहीं मिली है और अब राज्य विधानमंडल द्वारा पारित विधेयक वापस ले लिया जाएगा। हम मांग करते हैं कि सरकार विधेयक में संशोधन करे और 3 मार्च से शुरू हो रहे बजट सत्र में इसे पारित करवाए।’’

वडेट्टीवार ने पुणे बस बलात्कार मामले की पीड़िता के बारे में बयान देने के लिए गृह राज्य मंत्री योगेश कदम की आलोचना की।

कदम ने पहले कहा था कि अपराध के दौरान कोई बल प्रयोग या शोर नहीं हुआ, इसलिए आसपास के लोगों को इसके बारे में पता नहीं चल पाया।

वडेट्टीवार ने सवाल किया, ‘‘मंत्री आरोपियों को बचा रहे हैं। क्या मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ऐसी टिप्पणियों से सहमत हैं?’’

उन्होंने कहा कि चूंकि मुख्यमंत्री सभी विभागों की समीक्षा बैठकें ले रहे हैं, इसलिए उन्हें पिछले 100 दिनों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों का जायजा लेना चाहिए।

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