यौन कर्मियों और एलजीबीटी समुदाय के सदस्यों की रक्षा और कल्याण के लिए जनहित याचिका दायर
याचिका में इन लोगों के भोजन, आश्रय और दवा आदि की व्यवस्था करने का निर्देश देने का भी आग्रह किया गया है।
नयी दिल्ली, 10 मई दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर एक जनहित याचिका में केंद्र और दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार को यौनकर्मियों और एलजीबीटी समुदाय के सदस्यों की सामाजिक सुरक्षा, कल्याण और रक्षा के लिए लॉकडाउन के दौरान कदम उठाने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।
याचिका में इन लोगों के भोजन, आश्रय और दवा आदि की व्यवस्था करने का निर्देश देने का भी आग्रह किया गया है।
इस याचिका को सुनवाई के लिए सोमवार को न्यायमूर्ति राजीव सहाय एडलॉ और न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया है।
याचिका में दिल्ली में रह रहे यौनकर्मियों और एलजीटीबी (समलैंगिक, उभयलिंगी और ट्रांसजेंडर) समुदाय के सदस्यों को वित्तीय मदद, भोजन, आवास और दवा मुहैया कराने के लिए प्रभावी कदम उठाने का अनुरोध किया गया ताकि कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन के दौरान उनका भरण-पोषण सुनिश्चित हो सके। याचिका में यौन कर्मियों के पुनर्वास के लिए समिति गठित करने का भी अनुरोध किया गया है।
याचिकाकर्ता और अधिवक्ता अनुराग चौहान ने कहा कि जनहित याचिका उन यौन कर्मियों और एलजीबीटी समुदाय के लोगों के कल्याण के लिए दायर की गई है जिनके पास लॉकडाउन की वजह से वित्तीय मदद का कोई साधन नहीं है।
याचिका में अदालत से अनुरोध किया गया है कि वह प्रशासन को इन लोगों को घर का किराया देने में छूट के लिए कदम उठाने का निर्देश दे और साथ ही उनकी समस्याओं को सुनने के लिए महामारी के दौरान अलग से हेल्पलाइन स्थापित की जाए।
चौहान ने कहा कि उन्होंने यौन कर्मियों और एलजीटीबी समुदाय की समस्याओं को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री और उप राज्यपाल को दो मई को ज्ञापन दिया लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 10, 2020 04:04 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

