विदेश की खबरें | ब्रिटेन में कोविड से निपटने के लिए सरकार के कदमों पर सार्वजनिक जांच ने सुनवाई शुरू की
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

लंदन, 13 जून ब्रिटेन में कोविड-19 की तैयारियों और उससे निपटने के लिए सरकार के कदमों की सार्वजनिक जांच ने मंगलवार को लंदन में सुनवाई शुरू की। महामारी के दौरान अपने प्रियजनों को खोने वाले कुछ शोक संतप्त परिवारों की करीबी नजर इस जांच पर है।

तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने पिछले साल स्वतंत्र जांच का औपचारिक रूप से आदेश दिया था। कुछ सरकारी दस्तावेजों और संदेशों तक पहुंच को लेकर विवाद के बीच जांच के तहत पहली बार सबूतों की सुनवाई शुरू हुई।

इस जांच का नेतृत्व बैरोनेस हीथर हैलेट कर रही हैं, जिन्होंने कहा कि पहले चरण के दौरान लगभग छह सप्ताह की सुनवाई की योजना है और यह जांच 20 जुलाई तक चलेगी।

बैरोनेस हैलेट ने अपने शुरुआती बयान में कहा, "मैंने कई बार वादा किया है कि जिन लोगों ने परेशानी और नुकसान का सामना किया, वे हमेशा पूछताछ के केंद्र में रहेंगे और मैंने समय, संसाधनों और मेरे संदर्भ की शर्तों जैसी बाधाओं के भीतर अपने वादों को पूरा करने के लिए अपनी ओर से हरसंभव प्रयास किया है।’’

उन्होंने डोरलैंड हाउस पूछताछ मुख्यालय के बाहर एकत्र परिवारों के छोटे समूह को संबोधित करते हुए कहा कि उनका इरादा महामारी से संबंधित तीन प्रमुख सवालों का जवाब देना है- क्या ब्रिटेन उचित तरीके से तैयार था; क्या महामारी को लेकर प्रतिक्रिया उचित थी; और क्या हम भविष्य के लिए कोई सबक सीख सकते हैं?

इससे पहले उन्होंने कहा था, ‘‘ब्रिटेन में महामारी ने हर किसी को प्रभावित किया है और कई मामलों में, इसका जीवन पर स्थायी प्रभाव पड़ा है। फिर भी हर अनुभव अपने आप में अद्वितीय है।”

इस सुनवाई में आम लोग हिस्सा ले सकेंगे और यह यूट्यूब पर भी देखी जा सकेगी। प्रत्येक कामकाजी दिन के समापन पर इस सुनवाई का लिखित रूप में प्रकाशन भी किया जाएगा।

नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, ब्रिटेन में कोविड महामारी से 2,27,321 लोगों की जान गई है।

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