देश की खबरें | प्रोटोकॉल चूक : प्रधान न्यायाधीश ने मामूली मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर नहीं पेश करने को कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रधान न्यायाधीश बी. आर. गवई ने कहा है कि 18 मई को उनकी मुंबई यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल चूक के ‘‘मामूली मुद्दे’’ को बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं किया जाना चाहिए और मामले को ‘‘विराम’’ दिया जाना चाहिए।

नयी दिल्ली, 20 मई प्रधान न्यायाधीश बी. आर. गवई ने कहा है कि 18 मई को उनकी मुंबई यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल चूक के ‘‘मामूली मुद्दे’’ को बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं किया जाना चाहिए और मामले को ‘‘विराम’’ दिया जाना चाहिए।

उच्चतम न्यायालय की ओर से मंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया कि सभी संबंधित व्यक्तियों ने खेद व्यक्त किया है।

प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) ने चौदह मई को शीर्ष पद पर पदोन्नत होने के बाद महाराष्ट्र की अपनी पहली यात्रा के दौरान उनकी अगवानी करने के लिए राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक या शहर के पुलिस आयुक्त की अनुपस्थिति पर ऐतराज जताया था।

विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘प्रधान न्यायाधीश की महाराष्ट्र यात्रा के दौरान प्रोटोकॉल संबंधी मुद्दों के बारे में मीडिया में खबरें प्रकाशित हो रही हैं। सभी संबंधित व्यक्तियों ने पहले ही खेद व्यक्त कर दिया है।’’

विज्ञप्ति के अनुसार, ‘‘प्रधान न्यायाधीश ने कहा है कि एक मामूली मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं किया जाना जाना चाहिए। सीजेआई ने सभी से अनुरोध किया है कि इस मामले को विराम दिया जाए।’’

प्रधान न्यायाधीश पद की शपथ लेने के बाद न्यायमूर्ति गवई महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में भाग लेने मुंबई गए थे।

टिप्पणियां सार्वजनिक होने के कुछ घंटों बाद, तीनों शीर्ष अधिकारी मुंबई के दादर में डॉ. बी.आर. आंबेडकर के महापरिनिर्वाण स्थल चैत्यभूमि में मौजूद थे, जब प्रधान न्यायाधीश संविधान निर्माता को वहां श्रद्धांजलि देने गए थे।

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