देश की खबरें | मुंबई में शनिवार को विपक्षी एमवीए और सत्ताधारी भाजपा की ओर से किये जाएंगे प्रदर्शन
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. मुंबई में शनिवार को महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार के खिलाफ विपक्षी महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के 'हल्ला बोल' प्रदर्शन के साथ-साथ सत्तारूढ़ सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से जवाबी प्रदर्शन किया जाएया।
मुंबई, 16 दिसंबर मुंबई में शनिवार को महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार के खिलाफ विपक्षी महा विकास आघाड़ी (एमवीए) के 'हल्ला बोल' प्रदर्शन के साथ-साथ सत्तारूढ़ सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से जवाबी प्रदर्शन किया जाएया।
अधिकारियों ने कहा कि करीब 2,500 पुलिसकर्मी यह सुनिश्चित करने के लिए सड़कों पर होंगे कि कोई अप्रिय घटना नहीं हो।
महाराष्ट्र के साथ किए गए 'अन्याय', शिवाजी महाराज और महात्मा फुले जैसे राज्य की महान हस्तियों के 'अपमान' और कर्नाटक के सीमावर्ती इलाकों में मराठी भाषियों के खिलाफ 'अत्याचार' के साथ ही औद्योगिक परियोजनाओं को राज्य से बाहर ले जाने के खिलाफ एमवीए सहयोगी दल शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस 'मोर्चा' (विरोध मार्च) निकालेंगे।
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना खेमे की सरकार और भाजपा के खिलाफ लोगों का गुस्सा मोर्चा के माध्यम से व्यक्त किया जाएगा।
मार्च जे जे अस्पताल के पास से शुरू होगा और दक्षिण मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर समाप्त होगा।
एमवीए के विरोध प्रदर्शन को इस साल जून में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार गिराए जाने के बाद सहयोगी दलों को एकजुट करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
मुंबई भाजपा प्रमुख आशीष शेलार ने घोषणा की कि डॉ. बी आर आंबेडकर और हिंदू देवी-देवताओं का 'अपमान' करने के लिए एमवीए से माफी की मांग को लेकर उनकी पार्टी शनिवार को मुंबई में 'माफी मांगो' विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने आंबेडकर की जन्मभूमि पर विवाद उत्पन्न करने की कोशिश की, जबकि एक अन्य नेता सुषमा अंधारे ने भगवान राम, भगवान कृष्ण, संत ज्ञानेश्वर और संत एकनाथ के साथ-साथ वारकरी समुदाय का भी अपमान किया।
इस बीच, एक अधिकारी ने कहा कि शहर की पुलिस ने एमवीए के विरोध मार्च को अनुमति इस शर्त पर दी है कि आयोजकों को यातायात विभाग और नागरिक निकाय से आवश्यक अनुमति लेनी होगी। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मार्च के रास्ते में पर्याप्त संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 317 पुलिस अधिकारी, 1,870 कांस्टेबल, राज्य रिजर्व पुलिस बल के 22 प्लाटून और दंगा नियंत्रण पुलिस के कम से कम 30 दस्ते मौजूद रहेंगे।
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