देश की खबरें | आवश्यक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाएं ताज ट्रैपेज़ियम ज़ोन में शुरू की जा सकती हैं : एनजीटी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 12 अगस्त राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने स्पष्ट किया कि आगरा के ताज ट्रैपेज़ियम ज़ोन (टीटीजेड) के भीतर परियोजनाओं के लिए पर्यावरणीय मंजूरी दी जा सकती है ताकि स्थानीय लोगों के लिए पीने के पानी, मलजल शोधन, जल निकासी व्यवस्था और अपशिष्ट निपटान जैसी बनुयादी सुविधाएं सुनिश्चित की जा सकें।

हरित अधिकरण ने उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली निगरानी समिति के उस विचार से सहमति व्यक्ति की कि उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया है कि आवश्यक सुविधाओं के लिए परियोजनाएं बहाल की जा सकती हैं।

यह भी पढ़े | अरुणाचल प्रदेश में 61 सुरक्षाकर्मियों सहित कोरोना वायरस के 96 नए मरीज आए सामने, कुल संक्रमितों की संख्या हुई 2,327.

प्राधिकरण ने कहा कि शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि ‘‘टीटीजेड के भीतर आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए लंबित जरूरी पर्यावरण मंजूरी पर विचार करने की राह में अधिकारियों को कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।’’

एनजीटी प्रमुख न्यायाधीश आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के मद्देनजर अधिकारी मामले में तेजी से आगे की कार्रवाई कर सकते हैं।

यह भी पढ़े | Bangalore Violence: बेंगलुरु हिंसा में 3 लोगों की मौत, अब तक 145 गिरफ्तार.

प्राधिकरण ने समिति की रिपोर्ट पर गौर करते हुए कहा कि जहां तक कचरे के निस्ताररण की बात है 50 प्रतिशत हटाया जा चुका है और बाकी दिसम्बर 2020 तक हटा दिया जाएगा।

पीठ ने कहा, ‘‘ हमारा विचार है कि 11 नालों पर जैविक उपचार का काम शुरू हो गया है। उपरोक्त रिपोर्ट के अनुसार 57 नालों पर शुरू होने वाला है। कुल 90 नाले हैं, शेष नालियों को भी इस काम के लिए ढंकने की जरूरत है। मानसून खत्म होते ही जल्द से जल्द यह काम शुरू किया जाएगा।’’

प्राधिकरण ने कहा कि आगे की कार्रवाई की जाएगी, जिस पर निगरानी समिति नजर रख सकती है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)