जरुरी जानकारी | पड़ोसी देशों से सार्वजनिक खरीद पर रोक स्वागतयोग्य, बाद की स्थिति के लिये तैयार रहे भारत: आईईईएमए
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मुंबई, 25 जुलाई उद्योग संगठन आईईईएमए ने भारत के साथ जमीनी सीमा से जुड़े देशों के लिये सार्वजनिक खरीद में बोली लगाने पर प्रतिबंध लगाने के सरकार के फैसले का स्वागत किया। हालांकि, उसने इसके साथ ही यह भी कहा कि देश को कम से कम समय में इसके परिणाम और इसकी कीमत चुकाने के लिये तैयार रहना चाहिये।
आईईईएमए इलेक्ट्रिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माताओं का सर्वोच्च निकाय है।
चीन के साथ सीमा विवाद के बीच केंद्र सरकार ने भारत के साथ जमीनी सीमा से जुड़े चीन व अन्य पड़ोसी देशों की कंपनियों के लिये सार्वजनिक खरीद बोली में भाग लेने को लेकर बृहस्पतिवार को प्रतिबंध लगा दिया।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सरकार ने भारत की सुरक्षा और रक्षा के आधार पर भारत की भू-सीमा के साथ लगते देशों से बोली लगाने पर प्रतिबंध लगाने के लिये सामान्य वित्तीय नियम 2017 में संशोधन किया है। उक्त नियमों के तहत व्यय विभाग ने एक विस्तृत आदेश जारी किया है।
आईईईएमए के अध्यक्ष आरके चुघ ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, “भारतीय विद्युत उपकरण उद्योग में प्रभावी रूप से सेवा मुहैया कराने और न केवल भारतीय उद्योग की आवश्यकता को पूरा करने, बल्कि इसके निर्यात को बढ़ाने की क्षमता और लागत प्रतिस्पर्धिता है। यदि हम एक राष्ट्र के रूप में अपने घरेलू बाजार में चीन को लेकर गंभीर हैं, तो हमें निर्माताओं, आयातकों, खुदरा विक्रेताओं, उपभोक्ताओं और सरकार सहित सभी को इस पर प्रतिबद्ध होने की जरूरत है।’’
उन्होंने आगे कहा कि देश को कम से कम समय में इस तरह के कदम के परिणाम और कीमत दोनों के लिये तैयार रहना होगा। चुघ ने कहा, "मध्यम अवधि से, हम मेक इन इंडिया प्रयासों से भारी लाभ देखना शुरू कर देंगे।"
संगठन ने देश की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये अपने सदस्यों की ओर से पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।
भारत के साथ जमीनी सीमा के साथ लगते देशों में चीन, पाकिस्तान, भूटान, म्यांमा, अफगानिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश शामिल हैं।
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