बिजली कानूनी में प्रस्तावित संशोधनों पर अभी रोक लगाएं : पलानीस्वामी ने मोदी से कहा
इन संशोधनों पर पूर्व में की गई अपनी आपत्तियां दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित संशोधित विधेयक में राज्य बिजली नियामक आयोग का गठन तय करने की राज्य सरकार की शक्तियां खत्म करने की कोशिश है जो संविधान के संघीय सिद्धांतों के खिलाफ है।
चेन्नई, नौ मई तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया कि कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के खत्म होने के बाद जब तक राज्य सरकारों के साथ बिजली अधिनियम पर विस्तार से चर्चा न कर ली जाए, तब तक इस कानून में प्रस्तावित संशोधन स्थगित रखें जाएं।
इन संशोधनों पर पूर्व में की गई अपनी आपत्तियां दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित संशोधित विधेयक में राज्य बिजली नियामक आयोग का गठन तय करने की राज्य सरकार की शक्तियां खत्म करने की कोशिश है जो संविधान के संघीय सिद्धांतों के खिलाफ है।
मोदी को लिखे पत्र में पलानीस्वामी ने कहा कि प्रस्तावित संशोधनों पर उनके तथा अन्य पक्षकारों के साथ विस्तारपूर्वक चर्चा करने की जरूरत है।
इन संशोधनों पर बिजली मंत्रालय ने राज्य सरकारों से टिप्पणियां मांगी है।
उन्होंने कहा, ‘‘आप जानते हैं कि सभी राज्य अभी कोरोना वायरस वैश्विक महामारी से लड़ने में व्यस्त हैं और इस लिए प्रस्तावित संशोधनों पर विस्तारपूर्वक जवाब देने के लिए उन्हें कुछ समय चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘संशोधित विधेयक के मसौदे के कुछ प्रावधानों से जनता को परेशानी भी हो सकती है, खासतौर से संकट के इस काल में। मेरा मानना है कि बिजली कानून में जल्दबाजी में ऐसे व्यापक संशोधन करने का यह उचित समय नहीं है।’’
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(The above story first appeared on LatestLY on May 09, 2020 04:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

