जरुरी जानकारी | निवेशकों के खाते में रकम रोके जाने के बाद ही एएसबीए आवेदनों का प्रसंस्करणः सेबी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सोमवार को कहा कि सार्वजनिक निर्गमों में 'अवरुद्ध राशि से समर्थित आवेदन' (एएसबीए) व्यवस्था के तहत किए गए आवेदनों का प्रसंस्करण तभी किया जाएगा जब निवेशक के बैंक खातों में आवेदन की राशि रोककर रखी गई हो।
नयी दिल्ली, 30 मई भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सोमवार को कहा कि सार्वजनिक निर्गमों में 'अवरुद्ध राशि से समर्थित आवेदन' (एएसबीए) व्यवस्था के तहत किए गए आवेदनों का प्रसंस्करण तभी किया जाएगा जब निवेशक के बैंक खातों में आवेदन की राशि रोककर रखी गई हो।
सेबी ने एक परिपत्र में कहा कि एएसबीए आवेदन के बारे में नए दिशानिर्देश एक सितंबर, 2022 या उसके बाद खुलने वाले सार्वजनिक निर्गमों पर लागू होंगे।
नियामक ने कहा, ‘‘स्टॉक एक्सचेंज अपने इलेक्ट्रॉनिक बुक बिल्डिंग प्लेटफॉर्म में एएसबीए आवेदन को केवल तभी स्वीकार करेंगे जब रोकी गई आवेदन राशि पर अनिवार्य पुष्टि मिल जाए।’’
यह व्यवस्था सभी श्रेणियों के निवेशकों के लिए लागू होगी। खुदरा, पात्र संस्थागत खरीदार (क्यूआईबी), गैर-संस्थागत निवेशक और अन्य आरक्षित श्रेणियों के निवेशकों पर यह लागू होगा।
दिसंबर, 2009 में सेबी ने क्यूआईबी को छोड़कर अन्य सभी श्रेणियों के निवेशकों के लिए सार्वजनिक निर्गम में एएसबीए की सुविधा निर्धारित की थी। मई, 2010 में सेबी ने क्यूआईबी को भी यह सुविधा दे दी।
एएसबीए किसी निवेशक की तरफ से किया जाने वाला वह आवेदन है जिसमें किसी निर्गम का हिस्सा बनने के लिए स्व-प्रमाणित सिंडिकेट बैंक (एससीएसबी) को बैंक खाते में आवेदन की राशि रोकने का अधिकार दिया जाता है। यदि कोई निवेशक एएसबीए के माध्यम से आवेदन कर रहा है तो उसके आवेदन का पैसा बैंक खाते से तभी काटा जाएगा जब आवंटन के आधार को अंतिम रूप देने के बाद उसके आवेदन को आवंटन के लिए चुना जाता है।
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