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Stubble problem: एनजीटी ने पंजाब व हरियाणा को 2024 के लिए समयबद्ध कार्य योजना तैयार करने को कहा

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने पंजाब और हरियाणा को पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए अगले साल एक जनवरी से एक सितंबर के बीच समयबद्ध योजना बनाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही एनजीटी ने इस बात पर जोर दिया कि पराली जलाना एक "गंभीर समस्या" है और इसके लिए उपचारात्मक कार्रवाई की तैयारी अभी शुरू होनी चाहिए।

Stubble problem: एनजीटी ने पंजाब व हरियाणा को 2024 के लिए समयबद्ध कार्य योजना तैयार करने को कहा
parali (Photo, credit- Hindustan)

नयी दिल्ली, 1 दिसंबर: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने पंजाब और हरियाणा को पराली जलाने की समस्या से निपटने के लिए अगले साल एक जनवरी से एक सितंबर के बीच समयबद्ध योजना बनाने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही एनजीटी ने इस बात पर जोर दिया कि पराली जलाना एक "गंभीर समस्या" है और इसके लिए उपचारात्मक कार्रवाई की तैयारी अभी शुरू होनी चाहिए. एनजीटी एक मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने पंजाब में पराली जलाने के कारण वायु प्रदूषण में वृद्धि के बारे में एक अखबार की रिपोर्ट पर संज्ञान लिया था.

एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब में पराली जलाने की 36,632 घटनाएं हुईं जिनमें से 2,285 घटनाएं इस साल 15 सितंबर से 28 नवंबर के बीच हुईं.

पीठ में न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ए सेंथिल वेल भी शामिल थे. पीठ ने कहा कि जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, पंजाब के संगरूर जिले में पराली जलाने की सबसे अधिक 5352 घटनाएं हुईं. पीठ ने स्वीकार किया कि पराली जलाने की घटनाएं अब कम हो रही हैं. इसके साथ ही पीठ ने बुधवार को एक आदेश पारित करते हुए कहा कि रिपोर्ट के अनुसार 28 नवंबर को हरियाणा में पराली जलाने की कोई घटना नहीं हुई जबकि पंजाब में केवल 18 ऐसी घटनाएं हुईं.

पीठ ने कहा कि धान के अवशेष (पराली) जलाने का मुद्दा मुख्य रूप से 15 सितंबर से 30 नवंबर के बीच सामने आया. उसने कहा, ‘‘पराली जलाने की गंभीर समस्या हर साल सामने आती है, इसलिए अगले साल यानी 2024 के लिए, एक व्यापक योजना और उपचारात्मक कार्रवाई इसी स्तर पर शुरू करने की आवश्यकता है.'' पीठ ने कहा, "हम पंजाब एवं हरियाणा को एक जनवरी, 2024 से एक सितंबर, 2024 के बीच चरण-वार प्रस्तावित कार्रवाई की जानकारी देते हुए समयबद्ध कार्य योजना तैयार करने का निर्देश देते हैं.’’

पंजाब की ओर से पेश वकील ने आश्वासन दिया कि ऐसी कार्ययोजना छह सप्ताह के भीतर पेश की जाएगी। इसके बाद एनजीटी ने मामले में अगली सुनवाई 19 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी.

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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 01, 2023 05:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).