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देश की खबरें | ‘50 से ज्यादा बिस्तरों वाले निजी अस्पतालों को अपना ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र लगाना चाहिए’

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महाराष्ट्र में चिकित्सा उपयोग में आने वाली ऑक्सीजन की किल्लत की खबरों के बीच प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बृहस्पतिवार को कहा कि 50 से ज्यादा बिस्तरों वाले प्रत्येक निजी अस्पताल को एक ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित करना चाहिए जिससे मरीजों के इलाज के लिये इस जीवनरक्षक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

देश की खबरें | ‘50 से ज्यादा बिस्तरों वाले निजी अस्पतालों को अपना ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र लगाना चाहिए’

मुंबई, 15 अप्रैल महाराष्ट्र में चिकित्सा उपयोग में आने वाली ऑक्सीजन की किल्लत की खबरों के बीच प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने बृहस्पतिवार को कहा कि 50 से ज्यादा बिस्तरों वाले प्रत्येक निजी अस्पताल को एक ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित करना चाहिए जिससे मरीजों के इलाज के लिये इस जीवनरक्षक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही जहां उन्होंने अस्पतालों के लिये नए निर्देश जारी किये।

उन्होंने कहा, “50 से ज्यादा बिस्तरों वाले सभी निजी अस्पतालों को एक ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र स्थापित करना चाहिए। ये अस्पताल चिकित्सा उपयोग में आने वाली ऑक्सीजन के लिये प्रदेश सरकार पर निर्भर नहीं रहेंगे, जिसे कोविड-19 मरीजों को उपलब्ध कराया जाएगा।”

मंत्री ने कहा कि 50 से कम बिस्तरों वाले अस्पतालों से ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर खरीदने को कहा गया है, जिससे मरीजों के लिए ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ सकती है।

उन्होंने कहा, “ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर की प्रौद्योगिकी में हवा का संग्रहण व शुद्धिकरण 95 से 98 प्रतिशत तक किया जाता है जिसके बाद इसे मरीजों को दिया जाता है। यह व्यवहारिक और सस्ती है। इससे अन्य राज्यों से चिकित्सा उपयोग के लिये तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की खरीद और अस्पतालों तक इसकी आपूर्ति से राज्य पर पड़ने वाला बोझ कम होगा।”

उन्होंने इस बात को भी माना कि मरीजों के उपचार में ऑक्सीजन का अनावश्यक इस्तेमाल भी हो रहा है।

प्रदेश सरकार के कोविड-19 कार्यबल के सदस्य और विशेषज्ञों ने इंगित किया है कि ऑक्सीजन सिलेंडरों के जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल के कारण इस जीवन रक्षक गैस की कमी हो रही है।

मंत्री ने कहा, “मौजूदा उपयोग (ऑक्सीजन का) दैनिक आधार पर 1500 मीट्रिक टन है। केंद्र के दिशानिर्देश के मुताबिक छत्तीसगढ़ के भिलाई, तेलंगाना और बोकारो (झारखंड), राउरकेला (ओडिशा), हजीरा और जामनगर (गुजरात) जैसे औद्योगिक शहर महाराष्ट्र को ऑक्सीजन की आपूर्ति कर रहे हैं। स्वास्थ्य व परिवहन विभाग के आयुक्तों और एफडीए की एक समिति बनाई गई है। इसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य आयुक्त कर रहे हैं। यह संबंधित राज्यों से ऑक्सीजन की आपूर्ति को लेकर समन्वय करेगी।”

मंत्री ने कहा कि नाइट्रोजन की आपूर्ति करने वाले बड़े टैंकरों को ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिये तैयार किया जा रहा है। ऐसे 50 टैंकरों का पहला जत्था जल्द तैयार हो जाएगा जो महाराष्ट्र में तरल ऑक्सीजन लेकर आएगा।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 15, 2021 08:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).