प्रधानमंत्री के स्थानीय उत्पादों पर जोर को गलत तरीके से विश्लेषण किया गया: नेस्ले इंडिया

स्विट्जरलैंड की कंपनी की अनुषंगी ने कहा कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की कैंटीन ने कंपनी से उसके उत्पादों के बारे में जानकरी मांगी है। गृह मंत्रालय के केवल घरेलू उत्पाद खरीदने के हाल के निर्देश के मद्देनजर यह जानकारी मांगी गयी है। नेस्ले इंडिया भारत में 108 साल से काम कर रही है।

जमात

नयी दिल्ली, 19 मई मैगी, दूध पाउडर, चॉकलेट जैसे दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली नेस्ले इंडिया ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्थानीय उत्पादों पर जोर (वोकल फॉर लोकल) को दूसरे ढंग से लिया गया है। कंपनी ने कहा कि वह भारत में बने उत्पादों से जुड़ी है और उसके ब्रांड को लोग खूब पसंद करते हैं।

स्विट्जरलैंड की कंपनी की अनुषंगी ने कहा कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की कैंटीन ने कंपनी से उसके उत्पादों के बारे में जानकरी मांगी है। गृह मंत्रालय के केवल घरेलू उत्पाद खरीदने के हाल के निर्देश के मद्देनजर यह जानकारी मांगी गयी है। नेस्ले इंडिया भारत में 108 साल से काम कर रही है।

प्रधानमंत्री के स्थानीय उत्पादों के उपयोग के आह्वान के बाद गृह मंत्रालय ने पिछले सप्ताह आदेश जारी कर सीएपीएफ की कैंटीन से केवल स्वदेशी उत्पाद बेचने को कहा है। यह एक जून से प्रभाव में आएगा।

नेस्ले इंडिया के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक सुरेश नारायणन ने मीडिया के साथ वीडियो कांफ्रेन्सिंग के जरिये बातचीत में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री भारत में विनिर्मित उत्पादों (मेक इन इंडिया) का उल्लेख कर रहे थे। लेकिन दुर्भाग्य से इसका गलत तरीके से विश्लेषण किया गया।’’

उनसे यह पूछा गया था कि सरकार सीएपीएफ कैंटीनों में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा दे रही है, ऐसे में कंपनी किसी प्रकार की चुनौती देख रही है?

नारायणन ने कहा, ‘‘पुलिस कैंटीन ने ब्योरा मांगा है लेकिन उनका ब्योरा बिल्कुल साफ और स्पष्ट है। वह प्रधानमंत्री के संकेत के अनुरूप है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने यह पूछा है कि कौन-कौन से उत्पाद भारत में बनते हैं, क्या कच्चा माल स्थानीय है, क्या सामान को यहां लाकर तैयार किया जाता है या फिर वे आयातित हैं। यह स्पष्ट सूची है और उन्होंने जो मांगा है, हमने उपलब्ध करा दिया है। मुझे उम्मीद है कि इस बारे में चीजें जल्दी स्पष्ट होंगी।’’

नारायणन ने कहा कि नेस्ले इंडिया यहां लाखों किसानों से दूध, गेहूं, मसाला और कॉफी खरीदती है। उसके 7,200 कर्मचारियों में से 99 प्रतिशत भारतीय हैं।

उन्होंने कहा कि हमारा ब्रांड काफी लोकप्रिय है और लोग उसे पसंद करते हैं। ‘‘हम हर साल सरकारी खजाने में 36 अरब रुपये (3,600 करोड़ रुपये) का योगदान करते हैं और 1,25,000 शेयरधारक हैं जो नेस्ले से काफी खुश हैं।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, लेटेस्टली स्टाफ ने इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया है)

Share Now

संबंधित खबरें

India vs South Africa, T20 World Cup 2026 43rd Match Scorecard: अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका ने टीम इंडिया 76 रनों से दी करारी शिकस्त, मार्को जानसन ने चटकाए 4 विकेट; यहां देखें IND बनाम SA मैच का स्कोरकार्ड

Zimbabwe vs West Indies T20 World Cup Stats: टी20 वर्ल्ड कप में एक दूसरे के खिलाफ कुछ ऐसा रहा है जिम्बाब्वे बनाम वेस्टइंडीज का प्रदर्शन, यहां देखें आंकड़े

India vs South Africa, T20 World Cup 2026 43rd Match Scorecard: अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका ने टीम इंडिया के सामने रखा 188 रनों का लक्ष्य, डेविड मिलर ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

Zimbabwe vs West Indies, T20 World Cup 2026 44th Match Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा जिम्बाब्वे बनाम वेस्टइंडीज के बीच सुपर-8 का अहम मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

\