देश की खबरें | प्रधानमंत्री पेट्रोलियम क्षेत्र से संबंधित तीन परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे
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नयी दिल्ली, 11 सितंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को बिहार में पेट्रोलियम क्षेत्र से संबंधित तीन प्रमुख परियोजनाएं वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
उनके कार्यालय ने यह जानकारी दी।
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि इनमें पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर पाइपलाइन परियोजना के तहत दुर्गापुर-बांका खंड और दो एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र शामिल हैं।
बयान में कहा गया है कि इंडियन ऑयल द्वारा निर्मित 193 किलोमीटर लंबा दुर्गापुर-बांका पाइपलाइन खंड, पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर पाइपलाइन परियोजना का हिस्सा है। इसके लिए प्रधानमंत्री ने फरवरी 2019 में आधारशिला रखी थी।
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यह खंड मौजूदा 679 किलोमीटर लंबी पारादीप-हल्दिया-दुर्गापुर एलपीजी पाइपलाइन परियोजना के तहत बिहार के बांका में नए एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र तक विस्तार है।
बयान में कहा गया है कि पाइपलाइन पश्चिम बंगाल (60 किमी), झारखंड (98 किमी) और बिहार (35 किमी) से गुजरती है।
दुर्गापुर-बांका खंड में पाइप लाइन बिछाने में कई प्राकृतिक और मानव निर्मित बाधाओं को पार करने की आवश्यकता थी। इसमें कहा गया है कि कुल 154 ‘क्रॉसिंग’ को पाटा गया। इनमें 13 नदियां, पांच राष्ट्रीय राजमार्ग और तीन रेलवे क्रॉसिंग शामिल हैं।
इसमें कहा गया है कि बांका स्थित एलपीजी बॉटलिंग संयंत्र से राज्य में एलपीजी की बढ़ती मांग को पूरा कर बिहार की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
यह बॉटलिंग संयंत्र बिहार के भागलपुर, बांका, जमुई, अररिया, किशनगंज और कटिहार जिलों के साथ-साथ झारखंड के गोड्डा, देवघर, दुमका, साहिबगंज और पाकुड़ जिलों की जरूरतों को पूरा करेगा। इस पर करीब 131.75 करोड़ रुपये का खर्च आया।
पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि में बॉटलिंग संयंत्र के निर्माण पर 136.4 करोड़ रुपये की लागत आयी है।
पीएमओ ने कहा कि मोदी ने अप्रैल 2018 में परियोजना की आधारशिला रखी थी।
यह संयंत्र बिहार के पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सीवान, गोपालगंज और सीतामढ़ी जिलों की एलपीजी आवश्यकता को पूरा करेगा।
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