देश की खबरें | प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटेन, मालदीव यात्रा का उद्देश्य व्यापार और सुरक्षा संबंधों को बढ़ावा देना
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नयी दिल्ली, 22 जुलाई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बुधवार से शुरू हो रही ब्रिटेन और मालदीव की यात्रा का मुख्य उद्देश्य व्यापार और रक्षा सहयोग को बढ़ावा देना होगा। इस यात्रा के दौरान भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते को औपचारिक रूप दिया जाना महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
प्रधानमंत्री दो दिवसीय यात्रा पर ब्रिटेन जाएंगे। इसके बाद वह मालदीव का दौरा करेंगे, जहां वह द्वीपीय राष्ट्र के स्वतंत्रता दिवस समारोह में "मुख्य अतिथि" के रूप में शामिल होंगे।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी के अनुसार, मोदी 23-24 जुलाई को ब्रिटेन की अपनी यात्रा के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर के साथ व्यापक वार्ता के अलावा, महाराजा चार्ल्स तृतीय से भी मुलाकात करेंगे।
स्टार्मर बृहस्पतिवार को चेकर्स में मोदी की मेजबानी करेंगे, जो ब्रिटिश प्रधानमंत्री का आधिकारिक निवास है और लंदन से 50 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित है।
सूत्रों ने बताया कि वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और उनके ब्रिटिश समकक्ष जोनाथन रेनॉल्ड्स दोनों प्रधानमंत्रियों की मौजूदगी में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर कर सकते हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटेन यात्रा के दौरान एफटीए पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे, मिसरी ने कहा कि इस पर "अंतिम समय" में काम जारी है।
उन्होंने कहा, "हम इस पर काम जारी रखे हुए हैं और इस पर अंतिम समय में काम जारी है।"
दोनों देशों के बीच शिक्षा संबंधों पर, मिसरी ने साउथेम्प्टन विश्वविद्यालय द्वारा हाल में गुरुग्राम में अपना परिसर खोलने का जिक्र किया, जो भारत की नयी शिक्षा नीति के तहत परिसर स्थापित करने वाला पहला विदेशी विश्वविद्यालय बन गया है। उन्होंने बताया कि कई अन्य ब्रिटिश संस्थान भी भारत में अपने परिसर स्थापित करने पर विचार कर रहे हैं।
विदेश सचिव ने दोनों पक्षों के बीच प्रौद्योगिकी सुरक्षा पहल (टीएसआई) का भी उल्लेख किया, जो दूरसंचार, महत्वपूर्ण खनिजों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), जैव प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, उन्नत सामग्री और क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्रों में सहयोग पर केंद्रित है।
मोदी 25-26 जुलाई को मालदीव की अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के साथ व्यापक वार्ता करेंगे और द्वीपीय राष्ट्र में भारत द्वारा सहायता प्राप्त कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
प्रधानमंत्री 26 जुलाई को मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे।
मिसरी ने कहा, "प्रधानमंत्री की यह राजकीय यात्रा किसी शासनाध्यक्ष की पहली राजकीय यात्रा भी है, जिसकी मेजबानी राष्ट्रपति मुइज्जू नवंबर 2023 में पदभार ग्रहण करने के बाद से कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "मालदीव भारत की पड़ोसी प्रथम नीति में एक बहुत ही महत्वपूर्ण साझेदार है, तथा भारत के ‘महासागर विजन’ (सभी क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) का हिस्सा है।"
मिसरी ने पिछले साल अंतिम रूप दिए गए 'व्यापक आर्थिक और समुद्री सुरक्षा साझेदारी' के लिए भारत-मालदीव संयुक्त दृष्टिकोण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "यह संयुक्त दृष्टिकोण, एक तरह से, हमारे संबंधों का मार्गदर्शक ढांचा बन गया है।
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 22, 2025 10:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

