दक्षिण में बढ़त हासिल करने के लिए भाजपा के अभियान को धार दे रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी
तीन राज्यों में राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा चुनाव की घोषणा से एक दिन पहले शुक्रवार को दक्षिण भारत में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी.
नयी दिल्ली, 15 मार्च : तीन राज्यों में राजनीतिक कार्यक्रमों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा चुनाव की घोषणा से एक दिन पहले शुक्रवार को दक्षिण भारत में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी. भाजपा की कोशिश दक्षिण क्षेत्र के पांच राज्यों से अधिक से अधिक सीट हासिल कर उस मिथक को तोड़ने की है कि उसका दबदबा सिर्फ हिंदी पट्टी के ही क्षेत्रों में है. भाजपा नेताओं ने कहा कि मोदी अगले चार दिनों यानी 19 मार्च तक सभी दक्षिणी राज्यों का दौरा करेंगे और उन स्थानों पर ध्यान केंद्रित करेंगे जहां सत्तारूढ़ पार्टी को फायदा मिलने की उम्मीद है.
प्रधानमंत्री 17 मार्च को आंध्र प्रदेश में तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा)-भाजपा-जन सेना की संयुक्त रैली को संबोधित करेंगे. यहां की सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को टक्कर देने के लिए हाल में तीनों दलों ने हाथ मिलाया है. आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की रैली को तीन दलों के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है. भाजपा नेताओं ने बताया कि प्रधानमंत्री शनिवार को तेलंगाना के नगरकुरनूल और कर्नाटक के गुलबर्गा में प्रचार करेंगे. गुलबर्गा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का गढ़ रहा है. हालांकि, 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें अपने भाजपा प्रतिद्वंद्वी से हार का सामना करना पड़ा था. यह भी पढ़ें : निवार्चन आयोग को जम्मू-कश्मीर में लोकसभा के साथ विधानसभा चुनाव की तारीखे घोषित करनी चाहिए: उमर
उन्होंने बताया कि वह 18 मार्च को तेलंगाना के जगतियाल और कर्नाटक के शिमोगा में रैलियों को संबोधित कर सकते हैं और तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक रोड शो का नेतृत्व करेंगे. वह केरल के पलक्कड़ में एक रोड शो करेंगे और 19 मार्च को तमिलनाडु के सलेम में एक रैली को संबोधित करेंगे. मोदी के शुक्रवार को राजनीतिक कार्यक्रमों में तमिलनाडु और केरल में रैलियां और तेलंगाना में रोड शो शामिल हैं. पांच राज्यों के अलावा केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में लोकसभा की एक सीट है. कुल 543 लोकसभा सीटों में से दक्षिण भारत में 131 सीट हैं. भाजपा 2011 में पुडुचेरी के अलावा आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी. हालांकि उसने 28 में से 25 सीटें जीतकर कर्नाटक में बड़ी जीत दर्ज की थी और तेलंगाना में 17 में से चार सीटें जीतकर पहली बार प्रभावशाली प्रदर्शन किया था.
पार्टी पूरे क्षेत्र में बढ़त बनाने की कोशिश कर रही है. इसी को ध्यान में रखते हुए उसने आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में नए गठबंधन बनाए हैं. मोदी ने भाजपा को 370 सीटें और उसके नेतृत्व वाले गठबंधन को 400 से अधिक सीटें जीतने के लक्ष्य की घोषणा संसद में की थी. इसके लिए पार्टी कर्नाटक के अलावा बाकी क्षेत्रों में भी प्रभावी बढ़त हासिल करने में जुटी हुई है. प्रधानमंत्री ने चुनाव से पहले कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत करते हुए क्षेत्र में कई जनसभाओं को संबोधित किया. लोकसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा शनिवार को हो सकती है.
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 15, 2024 04:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

